यात्रा

पेड़ है या कोठी, घूम आओ 450 साल पुरानी इस अनोखी जगह, आज है टूरिस्ट प्लेस

Hathiyan Ka jhad Baobab Tree: आज हम आपसे डिटेल में हैदराबाद में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक के बारे में बात करने जा रहे हैं। हजारों पर्यटक इस अनोखी जगह आते हैं। गौर करने वाली बात ये है कि आपको यहां घूमने के लिए टिकट के पैसे नहीं देने होते। ये जगह सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुली रहती है।

Image

hathiyan ka jhad

Hathiyan Ka jhad Baobab Tree: इस बार आप हैदराबाद घूमने जाएं तो सिर्फ बिरयानी खाकर ही वापस मत लौट आइएगा। अगर आप हैदराबाद में रहते हैं या फिर हैदराबाद घूमने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। हम आपको बताएंगे हैदराबाद में बसी ऐसी जगह के बारे में जहां 450 साल पुराना अनोखा पेड़ है। इस पेड़ को हम अनोखा क्यों कह रहे हैं इस बात को डिटेल में समझते हैं।

हटियान झाड़ बाओबाब पेड़: हम बात कर रहे हैं हटियान झाड़ बाओबाब पेड़ की जो 450 साल पुराना पेड़ है और इसके अदंर 40 लोग बेहद आराम से रह सकते हैं। जिस स्थान पर इतने सारे लोग आ जाएं, सोच लें कि वो पेड़ कितना बड़ा होगा। हाथी की तरह दिखाई देने वाले इस पेड़ को पहली बार देखकर आपको हैरानी हो सकती है। कहते हैं कि 15वीं शताब्दी के दौरान अरब व्यापारियों ने इस पेड़ की प्रजाति को अफ्रीका से भारत लाया था।

पेड़ से जुड़ी प्राचीन कहानी: इस पेड़ से जुड़ी प्राचीन कहानी है जिसे आप घूमने के दौरान अपने बच्चों को भी सुना सकते हैं। शाही काल के दौरान 40 लुटेरों का एक समूह इसी पेड़ के अंदर छिपा रहता था। पेड़ के अंदर सीक्रेट खोखली जगह है जिसमें 40 लोग आराम से रह सकते हैं। लुटेरे रात होने पर लूटपाट जैसे अपराध करते थे और दिन में यहीं छिप जाते थे।

सेफ्टी का पूरा ध्यान: हैदराबाद में गोलकोंडा किला के गोल्फ क्लब में ये पेड़ मौजूद है। जुबली हिल्स चेक पोस्ट मेट्रो स्टेशन इसके निकटतम मेट्रो स्टेशन है। आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के अनुसार इसकी संख्या काफी कम है ऐसे में इसकी सेफ्टी का पूरा ध्यान रखा गया है। टूरिस्ट को पेड़ के करीब जाने नहीं दिया जाता और वो दूर से ही इसके दीदार कर सकते हैं। पेड़ के चारों ओर आपको लोहे की मजबूत ग्रिल लगी हुई दिख जाएगी। पेड़ के पत्ते तक को तोड़ना सख्त मना है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

और पढ़ें
End of Article