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Grishneshwar Jyotirlinga Temple: औरंगाबाद में है 3,000 साल पुराना घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाशिवरात्रि के दिन लगती है भक्तों की भीड़

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Mar 8, 2024, 08:30 AM IST

Grishneshwar Jyotirlinga Temple in Maharashtra Best Time to Visit, Timings, Nearby Places: तीर्थयात्रियों का मानना है कि घृष्णेश्वर मंदिरकी यात्रा करने से सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की पूजा करने का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। आज महाशिवरात्रि पर आप यहां आ सकते हैं।

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Grishneshwar Jyotirlinga Temple: महाराष्ट्र के औरंगाबाद में है 3000 साल पुराना घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग।

Photo : Twitter

Grishneshwar Jyotirlinga Temple in Maharashtra Best Time to Visit, Timings, Nearby Places: ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga Temple in India) भगवान शिव (Lord Shiva) के पवित्र मंदिर हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने खुद इन स्थानों का दौरा किया था और इसलिए भक्तों के दिलों में उनका विशेष स्थान है। इनमें से 12 भारत में हैं, जिनमें से एक है घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग (Grishneshwar Jyotirlinga Temple)। घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar Temple) महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के वेरुल में स्थित है।

ये भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक है। साथ ही घृष्णेश्वर मंदिर महाराष्ट्र के 5 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। ये मंदिर लगभग 3,000 साल पुराना है। तीर्थयात्रियों का मानना है कि घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar Jyotirlinga Mandir) की यात्रा करने से सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की पूजा करने का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। भक्त मंदिर के भित्तिचित्रों और नक्काशी में भगवान और उनकी पत्नी के विवाह का दृश्य देख सकते हैं। घृष्णेश्वर मंदिर में एक कुआं भी है। आप यहां फ्लाइट, सड़क या रेल के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं। अगर आप यहां आने का प्लान (Travel) कर रहे हैं तो आज हम आपको बताते हैं कि आप यहां कैसे पहुंच सकते हैं। महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2024) के मौके पर आप आज यहां अपने पूरे परिवार संग आ सकते हैं।

फ्लाइट से कैसे पहुंचे घृष्णेश्वर मंदिर (How to reach Grishneshwar Jyotirlinga by Flight)

घृष्णेश्वर मंदिर के सबसे पास वाला एयरपोर्ट औरंगाबाद में है। यहां से दिल्ली, मुंबई, जयपुर और उदयपुर से नियमित उड़ानें हैं। आप फ्लाइट से उतरने के बाद प्राइवेट टैक्सी लेकर आसानी से मंदिर पहुंच सकते हैं।

ट्रेन से कैसे पहुंचे घृष्णेश्वर मंदिर (How to reach Grishneshwar Jyotirlinga by Train)

घृष्णेश्वर मंदिर के सबसे पास वाला रेलवे स्टेशन औरंगाबाद रेलवे स्टेशन है। इसके अलावा मनमाड रेलवे स्टेशन भी पास में है और वह भी बेहतर तरीके से देश के बाकी राज्यों से जुड़ा हुआ है। अगर आप मंदिर आने की सोच रहे हैं तो आप कभी भी ट्रेन के माध्यम से यहां पहुंच सकते हैं।

सड़क के रास्ते कैसे पहुंचे घृष्णेश्वर मंदिर (How to reach Grishneshwar Jyotirlinga by Road)

अब बात अगर सड़क के रास्ते की करें तो औरंगाबाद शहर देश के अधिकांश शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप अपनी कार, प्राइवेट टैक्सी और प्राइवेट या सरकारी बस के माध्यम से यहां आसानी से पहुंच पाएंगे। यहां स्थानीय परिवहन आसानी से उपलब्ध है।
Ghrishneshwar Temples

Ghrishneshwar Temples

घृष्णेश्वर मंदिर खुलने का समय (Ghrishneshwar Temple Opening Timings)

घृष्णेश्वर मंदिर सुबह 5:30 बजे खुलता है और शाम को 9:30 बजे बंद हो जाता है। श्रावण माह के दौरान मंदिर प्रात 3:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक खुला रहता है। दोपहर में पूजा का समय 1 से 1:30 बजे का है। इस दौरान मंदिर में विभिन्न अनुष्ठान भी किए जाते हैं। भक्त दोपहर और शाम की आरती जैसे अनुष्ठानों का हिस्सा बन सकते हैं, जिसमें मंगल आरती प्रात 4 बजे, जलहरी संघन सुबह 8 बजे, महाप्रसाद दोपहर 12 बजे, जलहरी सागन शाम 4 बजे, संध्या आरती 7:30 बजे, रात्रि आरती 10 बजे होती है।

घृष्णेश्वर मंदिर में मनाए जाने वाले प्रसिद्ध त्योहार (Famous festivals celebrated in Ghrishneshwar Temple)

घृष्णेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि यहां मनाया जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार है। इसके अलावा गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दुर्गा पूजा में भी यहां भक्तों की भारी भीड़ होती है। घृष्णेश्वर मंदिर साल के सभी 365 दिन खुला रहता है। घृष्णेश्वर मंदिर में प्रवेश निःशुल्क है।
Ghrishneshwar Temple

Ghrishneshwar Temple

घृष्णेश्वर मंदिर के आसपास रहने और खाने की व्यवस्था (Accommodation and food arrangements around Ghrishneshwar Temple)

घृष्णेश्वर मंदिर वेरुल नाम के एक छोटे से गांव में स्थित है और आसपास रहने के अधिक ऑप्शन उपलब्ध नहीं हैं। भक्त आमतौर पर या तो दौलताबाद या औरंगाबाद में रुकते हैं, जहां रुकने के ऑप्शन ज्यादा हैं। यहां आकर आप अपने बजट के मुताबिक कमरा बुक कर सकते हैं। वहीं अगर बात खाने की करें तो यहां आकर भक्त मंदिर में दिए जाने वाले निःशुल्क दोपहर के भोजन में भाग लेते हैं। वेरुल में रेस्टोरेंट के ज्यादा ऑप्शन नहीं हैं। हालांकि औरंगाबाद में कई अच्छे रेस्टोरेंट मिल सकते हैं, जहां आपको खाने के कई सारे ऑप्शन मिलेंगे।

घृष्णेश्वर मंदिर के आसपास घूमने की जगहें (Places To Visit Around Ghrishneshwar Temple)

घृष्णेश्वर मंदिर के आसपास घूमने की कई सारी जगहें हैं, जिनमें एलोरा की गुफाएं, भद्रा मारुति मंदिर, औंधा नागनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर, परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर आदि हैं। यहां आने पर आपके देखने के लिए सबसे ज्यादा मंदिर ही मिलेंगे।
दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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