यात्रा

Char Dham Yatra 2025: चार धाम के कपाट कब खुलेंगे 2025 में, कब से हो सकेंगे बद्रीनाथ और केदारनाथ के दर्शन

Char Dham Yatra: हिंदू धर्म में चार धाम यात्रा का विशेष महत्व है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा को चार धाम यात्रा कहा जाता है। श्रद्धालु अपने भीतर आध्यात्मिक ऊर्जा के संचार के लिए चार धाम की यात्रा करते हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा पर जाते हैं। आमतौर पर यमुनोत्री → गंगोत्री → केदारनाथ → बद्रीनाथ के क्रम में यह यात्रा की जाती है।

Image

Char Dham Yatra 2025

Char Dham Yatra 2025: भारत में स्थित 4 पवित्र धार्मिक स्थलों केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा को चार धाम यात्रा कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस यात्रा का विशेष महत्व है। तन-मन की शुद्धि के साथ-साथ श्रद्धालु अपने भीतर आध्यात्मिक ऊर्जा के संचार के लिए चार धाम की यात्रा करते हैं। चारधाम के पवित्र मंदिर हर साल अप्रैल-मई के महीनों में खुलते और अक्टूबर-नवंबर में सर्दियों के महीनों की शुरुआत के साथ बंद हो जाते हैं।

यमुनोत्री और गंगोत्री (Gangotri Yamunotri Opening Date 2025)

30 अप्रैल, 2025 को अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलेंगे। सुबह 10:30 बजे से कपाट खुलेंगे। यमुनोत्री मंदिर के बंद होने की तिथि तय है यम द्वितीया, भाई दूज त्योहार के दिन पड़ती है। वहीं अगर गंगोत्री धाम की बात करें तो दिवाली त्योहार के अगले दिन यानी 22 अक्टूबर 2025 (संभावित) को बंद हो जाता है।

केदारनाथ (Kedarnath Opening Date 2025)

2 मई, 2025 को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे, जो सुबह 7 बजे से खुलेंगे। केदारनाथ मंदिर के बंद होने की तिथि निश्चित है यानी भाई दूज, 23 अक्टूबर 2025 (संभावित) को, केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाते हैं।

बद्रीनाथ (Badrinath Opening Date 2025)

4 मई, 2025 को प्रातः 06:00 बजे बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इस वर्ष बद्रीनाथ धाम 06 नवंबर 2025 (संभावित) को बंद होगा।

हेमकुंड साहिब (Hemkunth sahib opening date)

उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध सिख तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के दरवाजे 25 मई 2025 को दर्शन के लिए खुलेंगे।

prabhat sharma
प्रभात शर्मा author

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–... और देखें

End of Article