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होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमला, चालक दल का एक सदस्य हताहत; ईरान बोला- शर्तें पूरी होने तक नहीं खुलेगा रास्ता

पश्चिम एशिया में जारी तनाव एक बार फिर गहरा गया है। यहां होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमले की खबर है। इस हमले में चालक दल के एक सदस्य हताहत; ईरान बोला- शर्तें पूरी होने तक नहीं खुलेगा रास्ता

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पश्चिम एशिया में तनाव गहराया। (फोटो- AI)

दुबई: होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर मंगलवार तड़के अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। ब्रिटिश सेना के यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) केंद्र ने इस हमले की जानकारी दी है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया है कि इस हमले में जहाज के इंजन रूम को नुकसान पहुंचा है, साथ ही चालक दल का एक सदस्य भी हताहत हो गया। हालांकि,अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन या देश ने नहीं ली है।

हालांकि UKMTO ने यह नहीं बताया कि जिस जहाज पर हमला हुआ वह किस तरह का और किस देश का था। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि हताहत चालक दल के सदस्य की मौत हुई है या वह घायल हुआ है। वहीं, ओमान के तटरक्षक बल ने अन्य चालक दल के सदस्यों की मदद शुरू कर दी है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है। ये ताजा हमला ऐसे समय हुआ है,जब ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के कारण जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।

जब तक नहीं पूरी होंगी शर्तें तब तक नहीं खुलेगा रास्ता- ईरान

इस बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर क़ालिबाफ ने मंगलवार को कहा कि जब तक अमेरिका ईरान की शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला जाएगा। ईरान की प्रमुख मांगों में नाकेबंदी समाप्त करना, जमी हुई संपत्तियां जारी करना, तेल प्रतिबंध हटाना, सैन्य कार्रवाई और धमकियां बंद करना शामिल हैं।

शांति वार्ता फिलहाल ठप

वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता फिलहाल ठप है। इस बीच ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने की योजना पर ओमान के साथ अलग से बातचीत कर रहा है। ईरान ने सोमवार को कहा था कि दोनों देशों के संयुक्त बयान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।

सऊदी तेल रिफाइनरी पर हूती हमले का दावा

इस बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की एक तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला करने का दावा किया है। हूती नियंत्रित सबा समाचार एजेंसी के अनुसार, निशाना सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की एक सुविधा थी। हालांकि, सऊदी अरब की ओर से हमले या किसी नुकसान को लेकर तत्काल कोई बयान नहीं आया है। हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में यमन की सरकारी सेनाओं के साथ-साथ पड़ोसी सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और लाल सागर में उसके जहाजों पर हमले तेज किए हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 6 अगस्त से अब तक हूती हमलों के कारण यमन के सरकार नियंत्रित इलाकों में कम से कम 17 नागरिकों की मौत हुई है। वहीं जुलाई के अंत में हूती नियंत्रित क्षेत्रों में दो लोगों के हताहत होने की सूचना दी गई थी। इन हमलों में मारिब प्रांत में विस्थापित लोगों के एक शिविर पर हूती मिसाइल हमला भी शामिल है। इसके अलावा 11 अगस्त को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में चालक दल के चार सदस्यों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे।

एर्दोगन ने ट्रंप से कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की

उधर,तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत कर ईरान के साथ जारी संघर्ष का कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत सोमवार देर रात हुई। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते तक पहुंचने के लिए तय 60 दिन की बातचीत की अवधि समाप्त होने के करीब है, लेकिन समझौते या समयसीमा बढ़ाए जाने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

तुर्किये के राष्ट्रपति संचार कार्यालय के मुताबिक, एर्दोगन ने ट्रंप से कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के माहौल में कूटनीति के सभी संभावित रास्तों का अधिकतम इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इस महीने की शुरुआत में तुर्किये ने सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ एक संयुक्त रक्षा समझौता भी किया था। इसके तहत तीनों देशों में से किसी एक पर होने वाले सशस्त्र हमले को तीनों के खिलाफ हमला माना जाएगा। ट्रंप ने इस समझौते की सराहना करते हुए कहा था कि यह दर्शाता है कि मध्य पूर्व के देश एकजुट हो रहे हैं और अपनी सुरक्षा को अधिक प्रभावी ढंग से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। फोन वार्ता के दौरान एर्दोगन ने भी कहा कि यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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