बारिश की पहली फुहार पड़ते ही पहाड़, झीलें और पुराने महल जैसे नई जिंदगी पा लेते हैं। अगर आप सोचते हैं कि मानसून में घूमने का मतलब सिर्फ हिल स्टेशन है, तो इस बार अपनी ट्रैवल लिस्ट में कुछ रॉयल पैलेस भी शामिल कीजिए। खास बात यह है कि भारत में ऐसे कई महल हैं, जहां बारिश के मौसम में बादल इतने करीब आ जाते हैं कि लगता है जैसे महल आसमान से बातें कर रहा हो।
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इनमें सबसे मशहूर है उदयपुर का मानसून पैलेस, लेकिन इसके अलावा भी कई ऐतिहासिक महल हैं जो बरसात में अलग ही खूबसूरती बिखेरते हैं। बारिश के मौसम में इन महलों में राजा महाराजा अपना वक्त गुजारा करते थे। तो अगर इस वीकेंड कुछ नया देखने का मन है, तो ये जगहें आपकी यादगार ट्रिप का हिस्सा बन सकती हैं।
1. सज्जनगढ़ (मानसून पैलेस), उदयपुर
भारत में मानसून का नाम आते ही सबसे पहले उदयपुर का सज्जनगढ़ पैलेस याद आता है। महाराणा सज्जन सिंह ने इसे अरावली की ऊंची पहाड़ी पर बनवाया था। यहां से झीलों, हरियाली और बादलों का ऐसा नजारा दिखाई देता है कि लगता है मानो पूरा शहर बादलों की चादर में लिपटा हो। यह महल खास तौर पर मानसून के मौसम का आनंद लेने के लिए प्रसिद्ध रहा।
2. सिटी पैलेस, उदयपुर
पिचोला झील के किनारे बना यह महल बारिश के दिनों में और भी मनमोहक दिखाई देता है। झील में गिरती बारिश की बूंदें, महल की बालकनियां और ठंडी हवा शाही जीवन की झलक दिखाती हैं। मेवाड़ के शासक अक्सर यहां से मानसून का खूबसूरत नजारा देखा करते थे।
3. आमेर पैलेस, जयपुर
आमेर का महल पहाड़ियों के बीच स्थित है। बारिश के बाद जब आसपास की अरावली हरी हो जाती है और नीचे माओटा झील भर जाती है, तो पूरा दृश्य किसी पेंटिंग जैसा लगता है। यही वजह थी कि यह जगह राजपरिवार के पसंदीदा ठिकानों में गिनी जाती थी।
4. ललिता महल पैलेस, मैसूर
मैसूर का यह सफेद संगमरमर जैसा दिखने वाला महल बारिश में अलग ही चमक बिखेरता है। चारों ओर फैले बगीचे, ठंडी हवा और बादलों से घिरा वातावरण इसे शाही मानसून ठिकाना बना देते थे। आज भी यहां आने वाले पर्यटक उस रॉयल एहसास को महसूस कर सकते हैं।
5. लक्ष्मी विलास पैलेस, वडोदरा
वडोदरा का यह भव्य महल सिर्फ अपनी विशाल इमारत के लिए ही नहीं, बल्कि उसके हरे-भरे बगीचों के लिए भी जाना जाता है। बारिश के मौसम में इसका पूरा परिसर खिल उठता है। माना जाता है कि राजपरिवार इस मौसम में यहां के खुले बगीचों और ठंडे वातावरण का भरपूर आनंद लेता था।
राजाओं के लिए मानसून इतना खास क्यों था?
पुराने समय में बारिश को सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि उत्सव माना जाता था। खेतों में हरियाली लौटती थी, झीलें भर जाती थीं और गर्मी से राहत मिलती थी। इसलिए कई राजमहलों की बनावट ऐसी रखी गई कि वहां ठंडी हवा आसानी से पहुंचे, ऊंचाई से दूर-दूर तक का नजारा दिखे और बरसात का पूरा आनंद लिया जा सके।
आज भी ले सकते हैं वही रॉयल एहसास
इन महलों की सबसे खास बात यह है कि समय बदल गया, लेकिन इनकी खूबसूरती नहीं। आज भी मानसून के दौरान यहां पहुंचकर वही ठंडी हवा, हरियाली और बादलों से घिरा नजारा देखा जा सकता है, जिसे कभी राजा-महाराजा अपनी शाही बालकनी से निहारा करते थे। अगर इस बारिश कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो किसी हिल स्टेशन की बजाय इन ऐतिहासिक महलों की सैर जरूर करें।
