टेक एंड गैजेट्स

ChatGPT से 1-100 के बीच पूछो कोई एक नंबर, जवाब में वह लिखेगा 73, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

यह बात सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इंटरनेट पर कई लोगों इस बात को नोटिस किया है। आइए आपको बताते हैं कि चैटजीपीटी के इस जवाब के पीछे की असली वजह क्या है?

Image

चैटजीपीटी ने करोड़ों मोबाइल यूजर्स को बड़ी सहूलियत दी है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटजीपीटी (ChatGPT) ने हमारी जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है। हम इससे कोडिंग से लेकर आर्टिकल लिखने तक, हर तरह के मुश्किल काम चुटकियों में करवा लेते हैं। हमें लगता है कि एआई पूरी तरह से न्यूट्रल है और इंसानी पक्षपात से दूर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब चैटजीपीटी से 1 से 100 के बीच कोई भी एक रैंडम (अचानक) नंबर चुनने के लिए कहा जाता है, तो वह ज्यादातर समय सिर्फ '73' नंबर को ही चुनता है?

कैसे काम करता है ChatGPT

इस रहस्य को समझने के लिए सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि चैटजीपीटी काम कैसे करता है। चैटजीपीटी एक 'लार्ज लैंग्वेज मॉडल' (LLM) है, जिसे इंटरनेट पर मौजूद अरबों-खरबों शब्दों, किताबों, आर्टिकल्स और इंसानी बातचीत के डेटा पर ट्रेन किया गया है। जब हम एआई से कोई सवाल पूछते हैं, तो वह Probabilities के आधार पर यह तय करता है कि अगला सबसे सही शब्द या नंबर क्या होना चाहिए?

इसका मतलब यह है कि अगर इंसान इंटरनेट पर किसी खास नंबर का जिक्र बार-बार करते हैं, तो एआई के डेटाबेस में उस नंबर की वैल्यू बढ़ जाती है। यही वजह है कि जब आप उसे बिना सोचे-समझे कोई नंबर चुनने को कहते हैं, तो उसका झुकाव उसी नंबर की तरफ हो जाता है।

73 ही क्यों चुनता है ?

जब ChatGPT से 1 से 100 के बीच कोई एक नंबर चुनने के लिए कहा जाता है, तो कई बार वह 73 चुन लेता है। इसकी वजह यह है कि 73 ऐसा नंबर माना जाता है जो लोगों को काफी हद तक रैंडम लगता है। आमतौर पर लोग 1, 10, 50, 99 या 100 जैसे नंबरों को चुनने से बचते हैं, क्योंकि ये बहुत सामान्य और आसानी से याद रहने वाले नंबर हैं।

इसके मुकाबले 73 न तो बहुत छोटा है और न ही बहुत बड़ा, इसलिए यह थोड़ा अलग और खास महसूस होता है। ChatGPT इंसानों द्वारा लिखे गए बड़े डेटा और उनके व्यवहार के पैटर्न से सीखता है। इसी कारण कभी-कभी वह ऐसे नंबर चुनता है जो लोगों को ज्यादा रैंडम और स्वाभाविक लगते हैं। हालांकि, यह कोई तय नियम नहीं है और ChatGPT हर बार 73 ही चुने, ऐसा जरूरी नहीं है।

73 नंबर क्यों हो रहा पॉपुलर

अब सवाल उठता है कि इंटरनेट पर '73' नंबर इतना पॉपुलर क्यों है? इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला कारण है मशहूर अमेरिकी टीवी शो 'द बिग बैंग थ्योरी' (The Big Bang Theory)। इस शो के मुख्य और बेहद लोकप्रिय किरदार 'शेल्डन कूपर' का पसंदीदा नंबर 73 था। शो के एक एपिसोड में शेल्डन ने विस्तार से समझाया था कि 73 दुनिया का सबसे परफेक्ट और जादुई नंबर क्यों है। शेल्डन के मुताबिक, 73 एक प्राइम नंबर (अभाज्य संख्या) है, और यह 21वां प्राइम नंबर है। इसके अंकों को उलट दें, तो यह 37 बनता है, जो कि 12वां प्राइम नंबर है।

मजे की बात यह है कि 21 को उल्टा करने पर 12 आता है। इसके अलावा, बाइनरी सिस्टम में भी 73 को दोनों तरफ से लिखने पर यह एक अनोखा पैटर्न बनाता है। शो की इस पॉपुलैरिटी की वजह से इंटरनेट पर 73 नंबर को लेकर लाखों मीम्स, ब्लॉग और आर्टिकल्स लिखे गए, जिसे चैटजीपीटी ने अपने भीतर समाहित कर लिया।

एक कारण यह भी है

दूसरा कारण खुद इंसानी दिमाग की बनावट और सोच है। मनोवैज्ञानिकों (Psychologists) के अनुसार, जब भी किसी इंसान से 1 से 100 के बीच कोई 'रैंडम' नंबर सोचने के लिए कहा जाता है, तो इंसानी दिमाग कुछ खास नंबरों को तुरंत खारिज कर देता है। जैसे, लोग 1 से 10 के बीच के नंबर नहीं चुनते क्योंकि वे बहुत शुरुआती लगते हैं। लोग 50, 60 या 100 जैसे राउंड फिगर वाले नंबर भी नहीं चुनते क्योंकि वे रैंडम नहीं लगते। इसके अलावा, लोग सम संख्याएं (Even Numbers) जैसे 2, 4, 8, 22 भी कम चुनते हैं।

इंसान हमेशा एक ऐसे विषम नंबर (Odd Number) की तलाश करता है जो बिल्कुल अनोखा लगे। इस कैटेगरी में 73 या 77 जैसे नंबर इंसानों को सबसे ज्यादा रैंडम लगते हैं। चूंकि एआई को इंसानों द्वारा लिखे गए डेटा पर ही ट्रेन किया गया है, इसलिए इंसानी दिमाग की यह चालाकी एआई के व्यवहार में भी आ गई है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article