टेक एंड गैजेट्स

क्या होता है एंडोस्कोपिक कैमरा, जो सुरंग में फंसे मजदूरों के लिए बना उम्मीद की किरण

Endoscopic Camera Used In Uttarakhand Tunnel For Capturing visuals: उत्तरकाशी सुरंग हादसे के बाद बचाव दल ने पहली बार एंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरे की मदद से मजदूरों से संपर्क स्थापित किया। सुरंग में फंसे मजदूरों के साथ ऑडियो-विज़ुअल संपर्क के लिए फूड पाइपलाइन से कैमरे को भेजा गया था।

Image

एंडोस्कोपिक कैमरा

Photo : ANI

Endoscopic Camera Used In Uttarakhand Tunnel For Capturing visuals: उत्तराखंड में सुरंग ढहने के 9वें दिन पहले वीडियो क्लिप के साथ अच्छी खबर आई, जहां 12 नवंबर को सुरंग ढहने के बाद 41 मजदूर फंस गए थे। यह वीडियो क्लिप उन परिवारों के लिए राहत लेकर आया जो एक सप्ताह से अधिक समय से उनकी रिहाई का इंतजार कर रहे थे। वीडियो फुटेज में पीले और सफेद हेलमेट में मजदूर खाना खाते हुए और एक दूसरे से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन विजुअल को 6-इंच फूड पाइप लाइन के माध्यम से भेजे गए एंडोस्कोपिक कैमरे से क्लिक किया गया है। चलिए जानते हैं इस कैमरे की खासियत जो मजदूरों के लिए उम्मीद की किरण बन गया।

एंडोस्कोपिक कैमरे से हुआ संपर्क

उत्तरकाशी सुरंग हादसे के बाद बचाव दल ने पहली बार एंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरे की मदद से मजदूरों से संपर्क स्थापित किया। सुरंग में फंसे मजदूरों के साथ ऑडियो-विज़ुअल संपर्क के लिए फूड पाइपलाइन से कैमरे को भेजा गया था। आप नीचे वीडियो देख सकते हैं।

क्या होता है एंडोस्कोपिक फ्लेक्सी कैमरा?

  • एंडोस्कोपिक कैमरे का इस्तेमाल मुख्य रूप से मानव शरीर में न्यूनतम आक्रामक चिकित्सा के लिए किया जाता है। यह टेक्नोलॉजी के मामले में बहुत एडवांस है और उसकी डिमांड भी बहुत ज्यादा है।
  • मेडिकल प्रोफेशनल्स एंडोस्कोपिक कैमरे का बहुत इस्तेमाल करते हैं। इलाज करने और आंतरिक अंगों, जोड़ों और कैविटी का निरीक्षण करने के लिए इस डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है।
  • सबसे एडवांस्ड एंडोस्कोपिक कैमरे में 'चिप-ऑन-टिप' टेक्नोलॉजी का उपयोग होता है। फोटो क्लिक करने के लिए कैमरे के सबसे ऊपरी भाग (कैमरा टिप) का इस्तेमाल होता है।
  • अंधेरे में फोटो क्लिक करने के लिए कैमरे के साथ एलईडी लाइट्स होती हैं, जिससे फोटो क्लियर दिखती है।
  • इन विजुअल्स को मेडिकल-ग्रेड स्क्रीन या स्टीरियोस्कोपिक व्यूइंग कंसोल पर देखा जाता है।
  • सुरंग में एक फ्लेक्सी कैमरे का उपयोग किया गया है, जिसे छोटी पाइप लाइन के जरिए मजदूरों तक पहुंचाया गया और विजुअल लेना आसान हो गया।
  • उत्तराखंड सुरंग में एंडोस्कोपिक कैमरे को इसके छोटे साइज और शेप के कारण इस्तेमाल में लिया गया। यह कैमरा एक छोटे छेद से भी पाइपलाइन में दाखिल हो सकता है।
Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें
End of Article