SEBI To Use AI: सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) अब कंपनियों द्वारा दायर किए जाने वाले इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) आवेदनों को प्रोसेस करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करेगा। सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने यह इसको लेकर घोषणा की है।
दो साल में 1,000 से ज्यादा IPO होंगे प्रोसेस
सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने कहा कि आईपीओ के आवेदनों को रिव्यू करने के लिए नियामक एआई को अपना रहा है। इससे अगले दो साल में 1,000 के करीब आईपीओ प्रोसेस होने की संभावना है। एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया (एआईबीआई) के वार्षिक सम्मेलन में बोलते हुए बुच ने कहा कि सेबी कंपनियों और उनके मर्चेंट बैंकरों के लिए फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक स्टैंडर्ड आईपीओ टेम्पलेट पर काम कर रहा है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नया टेम्प्लेट "रिक्त स्थान भरें" फॉर्मेट में होगा। कोई भी जानकारी जो स्टैंडर्ड फॉर्मेट में फिट नहीं होगी, उसकी बारीकी से समीक्षा के लिए अलग से चिह्नित किया जाएगा। इस सिस्टम का उद्देश्य आईपीओ दस्तावेजों को दो भागों में विभाजित करना है, जिसमें स्टैंडर्ड और विशेष जानकारी शामिल होगी।
सेबी को उम्मीद है कि इससे उसके अधिकारियों के लिए अनियमितताओं की पहचान करना और उनका समाधान करना आसान हो जाएगा। इस पहल से कंपनियों और विनियामकों दोनों के लिए समय की बचत होने की उम्मीद है। एआई तीन प्रमुख तरीकों से मदद करेगा, जिसमें दस्तावेज समीक्षा, ऑनलाइन सर्च और सामग्री जांच शामिल है।
बुच के मुताबिक, इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि आईपीओ दस्तावेजों और उनकी समीक्षा करने की दक्षता भी बढ़ेगी। सेबी की विशेष जानकारी रिपोर्टिंग प्रणाली कार्यकुशलता में और सुधार लाएगी। स्टैंडर्ड और नॉन-स्टैंडर्ड सेक्शन का पालन करके अधिकारी अपनी जांच में प्राथमिकता तय कर सकते हैं जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। इससे समीक्षा प्रक्रिया सुव्यवस्थित हो जाएगी।
बुच ने कहा, "अगले दो वर्षों में 1,000 आईपीओ तक को संभालने की संभावना के साथ यह कदम इसमें शामिल सभी लोगों के कार्यभार को काफी कम कर देगा।"
इनपुट- आईएएनएस
