Meta Image Creator AI Tool: मेटा ने मंगलवार को कहा कि वो रिसर्चर्स को इंसानों जैसा बर्ताव करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल का एक्सेस देगी। ये एआई टूल अधूरी इमेज का आंकलन कर उसे पूरा करता है और ये काम नया मॉडल पुराने बाकी सभी मॉडल्स से बेहतर तरीके से करता है। इसका नाम आई-जेपा है जो बैकग्राउंड नॉलेज का इस्तेमाल करके इमेज के अधूरे हिस्से को पूरा कर देता है, वहीं बाकी सभी एआई मॉडल्स में ये काम सिर्फ अधूरी फोटो के इर्द-गिर्द दिखने वाले पिक्सल्स तक ही सीमित रह जाता है।
6 उंगलियों वाला एआई टूल
मेटा के टॉप एआई साइंटिस्ट येन लीसुन ने इस तकनीक को बाकी सारे एआई से बनने वाली इमेज के मुकाबले बिना एरर पूरा करने लायक बनाया है। उनका कहना है कि मेटा का ये एआई टूल ठीक उस तरह काम करता है जैसे किसी कलाकार के हाथ में 6 उंगलियां मिल गई हों। मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने कहा कि कंपनी के रिसर्चर्स नए नए इनोवेशन करने के साथ सुरक्षा को बेहतर बनाने और इसकी कीमत को कम करने में मदद कर रहे हैं।
एआई नहीं है खतरा?
मेटा के एग्जिक्यूटिव ने इंडस्ट्री को इस तकनीक से होने वाले संभावित खतरे को नकारते हुए कहा कि एआई खतरा नहीं है। हालांकि ओपनएआई, डीप माइंड, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल ने माना है कि गलत इस्तेमाल से एआई काफी खतरनाक साबित हो सकता है। यहां तक कि ओपनएआई के फाउंडर हाल में भारत आए थे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की थी। उन्होंने कहा था कि एआई किसी न्यूक्लियर पावर की तरह है, इसका सही इस्तेमाल जहां लोगों की भलाई में काम आएगा, वहीं गलत इस्तेमाल की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
