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विंबलडन के पुरुष एकल फाइनल में पहुंचे अलेक्जेंडर ज्वेरेव, आर्थर फेरी को दी सेमीफाइनल में मात

जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ब्रिटेन के आर्थर फेरी को पटखनी देकर विम्बलडन के पुरुष एकल फाइनल में पहुंच गए हैं। उनके पास लगातार दूसरा ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने का मौका है।

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अलेक्जेंडर ज्वेरेव

Photo : AP

लंदन: फ्रेंच ओपन में पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के महज एक महीने बाद जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव अब विम्बलडन के फाइनल में पहुंच गए हैं। ऑल इंग्लैंड क्लब में शुक्रवार को खेले गए पुरुष एकल सेमीफाइनल में उन्होंने ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी के शानदार अभियान का अंत किया। दूसरी वरीयता प्राप्त 29 साल के इस खिलाड़ी ने विश्व रैंकिंग में 114वें स्थान पर काबिज फेरी पर 7-6, 6-2, 6-4 से जीत दर्ज की। इस जीत के बाद ज्वेरेव ने कहा,'विम्बलडन हमेशा मेरे लिए सबसे कठिन ग्रैंड स्लैम रहा है और अब मैं इसके फाइनल में हूं। रविवार को अभी एक मुकाबला और बाकी है, फिलहाल पूरा ध्यान उसी पर है।'

इतिहास रचने का है ज्वेरेव के पास मौका

ज्वेरेव अब पेशेवर युग (1968 के बाद) में ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बनने की कोशिश में हैं, जो अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीतने के तुरंत बाद अगले ही ग्रैंड स्लैम का खिताब भी अपने नाम करे। रविवार को होने वाले फाइनल में उनका मुकाबला मौजूदा चैंपियन यानिक सिनर और सात बार के विम्बलडन विजेता नोवाक जोकोविच के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।

फेरी को मिला घरेलू समर्थन

फेरी का घर ऑल इंग्लैंड क्लब से थोड़ी ही दूरी पर है। घरेलू दर्शकों का पूरा समर्थन फेरी को मिल रहा था,लेकिन ज्वेरेव ने शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। पहले सेट के टाईब्रेक में फेरी की शुरुआती डबल फॉल्ट ने जर्मनी के खिलाड़ी को निर्णायक बढ़त दिला दी। लगभग छह फुट छह इंच लंबे ज्वेरेव ने अपनी दमदार सर्विस से भी दबदबा बनाए रखा। उनकी सर्विस की रफ्तार 224 किमी प्रति घंटा तक पहुंची, फेरी की सर्विस करीब 193 किमी प्रति घंटा रही।

पहले बार विंबलडन फाइनल में पहुंचे हैं ज्वेरेव

ज्वेरेव इससे पहले कभी विम्बलडन के चौथे दौर से आगे नहीं बढ़ पाए थे। अब वह 1995 के बाद विम्बलडन फाइनल में पहुंचने वाले जर्मनी के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। 1995 में बोरिस बेकर फाइनल में पीट सैम्प्रास से हार गए थे। विम्बलडन का पुरुष एकल खिताब जीतने वाले जर्मनी के पिछले खिलाड़ी माइकल स्टिच थे, जिन्होंने 1991 के फाइनल में बोरिस बेकर को हराया था।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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