पंजाब के अबोहर नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और जनादेश की “दिनदहाड़े चोरी” करने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद उसे मेयर पद से वंचित कर दिया गया। भाजपा के मुताबिक, अबोहर नगर निगम में कुल 50 पार्षद हैं, जिनमें भाजपा ने 28 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। वहीं आम आदमी पार्टी को 20 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस और एक निर्दलीय के खाते में एक-एक सीट आई थी। ऐसे में लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुसार मेयर पद पर भाजपा का दावा मजबूत था।
हालांकि मेयर चुनाव में AAP प्रत्याशी को 27 वोट मिले और वह विजयी घोषित कर दिया गया। भाजपा का आरोप है कि यह परिणाम जनादेश के विपरीत है और पूरी चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
चुनाव टालने पर भी उठाए सवाल
भाजपा का आरोप है कि मेयर चुनाव पहले 7 जुलाई 2026 को होना था, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने बिना कोई स्पष्ट कारण बताए इसे स्थगित कर दिया। पार्टी का कहना है कि चुनाव टालने का उद्देश्य राजनीतिक समीकरण बदलना और AAP के पक्ष में माहौल तैयार करना था।
संदीप जाखड़ ने लगाए गंभीर आरोप
अबोहर से भाजपा विधायक संदीप जाखड़ ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और मेयर पद “अनुचित एवं संदिग्ध तरीकों” से हासिल किया गया। “AAP जनता का जनादेश हार चुकी है और अब चुनाव प्रक्रिया को ही नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है। हम भगवंत मान की साजिश के सामने झुकने वाले नहीं हैं।”
नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
मेयर चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया को रद्द करने और पूरी पारदर्शिता के साथ कैमरों की निगरानी में दोबारा मेयर चुनाव कराने की मांग की। फिलहाल, इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी या चुनाव प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
