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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सरकार की चेतावनी, इस तरह के कंटेंट पर होगी कार्रवाई

MeitY ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगे भी ऐसी लापरवाही जारी रही, तो प्लेटफॉर्म मालिकों, इंटरमीडियरीज और जरूरत पड़ने पर यूजर्स के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को जारी की चेतावनी। (फोटो क्रेडिट-iStock)

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया कंपनियों को फिर से चेतावनी दी है। मंत्रालय ने कहा है कि इंटरनेट पर अश्लील, आपत्तिजनक और गैरकानूनी सामग्री को रोकना प्लेटफॉर्म्स की कानूनी जिम्मेदारी है।

MeitY की तरफ से सोमवार को जारी नई एडवाइजरी में साफतौर पर कहा गया है कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि पहले से बने कानून को याद दिलाने के लिए कहा जा रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, कई डिजिटल प्लेटफॉर्म शालीनता और अश्लीलता से संबंधित नियमों को सही तरीके से पालन नहीं कर रहे हैं जो कि समाज के लिए एक चिंता का विषय है।

MeitY ने गंभीर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगे भी ऐसी लापरवाही जारी रही, तो प्लेटफॉर्म मालिकों, इंटरमीडियरीज और जरूरत पड़ने पर यूजर्स के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

MeitY की एडवाइजरी

आईटी मंत्रालय (MeitY) ने एक नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें आईटी एक्ट 2000 और 2021 के नियमों जिसमें इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड का जिक्र किया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगातार ऐसा कंटेंट सामने आ रहा है जो कि सीधे-सीधे कानून का उल्लंघन करता है।

मंत्रालय के अनुसार, यह जानकारी लोगों की शिकायतों, सार्वजनिक चर्चाओं और अदालतों की टिप्पणियों के आधार पर सामने आई है। सरकार का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी बहुत जरूरी है, लेकिन संविधान में इसकी कुछ सीमाएं भी तय की गई हैं। इन सीमाओं का पालन करना मौजूदा सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए बेहद जरूरी है।

24 घंटे के अंदर कार्रवाई होना चाहिए

सरकार ने अपनी एडवाइजरी में साफ तौर पर कहा है कि कंटेंट मॉडरेशन का मतलब केवल शिकायत आने पर ही कदम उठाना नहीं है। सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है कि वे खुद भी गलत और गैरकानूनी कंटेंट की पहचान करें और उसे प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाएं।

इसमें अश्लील और आपत्तिजनक बातें, आपत्तिजनक वीडियो, बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री और बच्चों के लिए नुकसानदायक कंटेंट शामिल है। आईटी रूल्स 2021 के तहत सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी यूजर ऐसा गैरकानूनी कंटेंट अपलोड या शेयर न कर पाए।

अगर कोर्ट या सरकार किसी कंटेंट को हटाने का आदेश देती है, तो प्लेटफॉर्म्स को तय समय सीमा के भीतर उसे हटाना अनिवार्य है। खास तौर पर किसी की निजी तस्वीर या फर्जी वीडियो (डीपफेक) से जुड़ी शिकायत मिलने पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करना जरूरी बताया गया है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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