देश में स्पैम और फर्जी कॉल पर लगाम लगाने के लिए प्रस्तावित कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सिस्टम को लेकर सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। लोकसभा में 5 अगस्त 2026 को पूछे गए एक सवाल के जवाब में संचार मंत्रालय ने बताया कि फिलहाल 4G और उससे ऊपर की तकनीक वाले नेटवर्क पर CNAP सेवा का ट्रायल चल रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस सेवा को देशभर में कब लागू किया जाएगा, इसका फैसला ट्रायल के नतीजों के बाद ही लिया जाएगा।
TRAI की सिफारिश पर शुरू हुआ ट्रायल
लोकसभा में सांसद नवीन जिंदल द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने बताया कि भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) की सिफारिशों के आधार पर टेलीकॉम कंपनियों ने 4G और उससे ऊपर की तकनीक पर CNAP सेवा का परीक्षण शुरू किया है। सरकार के अनुसार, यह ट्रायल सफल रहने और तकनीकी मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही पूरे देश में इस सेवा को लागू करने की समय-सीमा तय की जाएगी।
क्या है CNAP सिस्टम और कैसे करेगा काम?
CNAP यानी Calling Name Presentation एक ऐसी सुविधा है, जिसमें किसी कॉल के आने पर सिर्फ मोबाइल नंबर ही नहीं, बल्कि कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम भी स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसका उद्देश्य लोगों को कॉल रिसीव करने से पहले यह जानकारी देना है कि सामने वाला कौन है। सरकार का मानना है कि इससे उपयोगकर्ता स्पैम, फ्रॉड और फर्जी कॉल की पहचान बेहतर तरीके से कर सकेंगे और कॉल उठाने या न उठाने का फैसला अधिक समझदारी से ले सकेंगे।
स्पैम और फ्रॉड कॉल पर लगेगी रोक
संसद में दिए गए जवाब में सरकार ने कहा कि CNAP सेवा का मकसद दूरसंचार उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित अनुभव देना है। कॉल करने वाले का नाम दिखाई देने से लोग संदिग्ध कॉल की पहचान आसानी से कर सकेंगे, जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी और स्पैम कॉल के मामलों में कमी आने की उम्मीद है, हालांकि सरकार ने अभी तक यह नहीं बताया है कि ट्रायल के दौरान स्पैम या फ्रॉड कॉल में कितनी कमी आई है। फिलहाल सेवा का परीक्षण जारी है और इसके प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।
2G यूजर्स को अभी करना होगा इंतजार
सरकार ने यह भी साफ किया कि देश में संचालित मौजूदा 2G नेटवर्क CNAP सेवा को तकनीकी रूप से सपोर्ट नहीं करते हैं। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि फिलहाल 2G नेटवर्क पर इस सुविधा को लागू करना संभव नहीं है। इसका मतलब है कि देश के करोड़ों 2G मोबाइल उपभोक्ताओं को फिलहाल इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। जब तक नेटवर्क अपग्रेड या नई तकनीकी व्यवस्था नहीं आती, तब तक 2G यूजर्स CNAP सेवा से बाहर रहेंगे।
