अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिलेक्ट होंगे विजेता
कुल 120 टीमों ने आवेदन किया था, जिनमें से 51 को रोबोटिक्स फॉर गुड यूथ चैलेंज में अपने रोबोटिक्स समाधान प्रस्तुत करने के लिए चुना गया। प्रतियोगिता का विषय आपदा प्रबंधन था और जूनियर और सीनियर श्रेणियों के विजेता जुलाई 2025 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए जिनेवा जाएंगे।
रोबोटिक्स फॉर गुड यूथ चैलेंज’
संचार मंत्रालय ने बताया कि प्रतियोगिता का विषय आपदा प्रबंधन था। इसके अलावा, जूनियर और सीनियर वर्ग के विजेता अगले वर्ष जुलाई में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए जिनेवा जाएंगे। ‘रोबोटिक्स फॉर गुड यूथ चैलेंज’ एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसे ‘एआई फॉर गुड इम्पैक्ट इंडिया’ के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। यह ‘एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट 2025’ के दौरान जिनेवा में ग्रैंड फिनाले के लिए एक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट है।
युवा इनोवेटर्स ने इस कार्यक्रम में रोबोटिक्स और कोडिंग में अपने कौशल का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों को रोबोटिक्स और कोडिंग सीखने में समावेशिता को बढ़ावा देना, स्थायी लक्ष्यों के साथ जुड़े मिशनों को पूरा करने के लिए रोबोट को डिजाइन, निर्माण और प्रोग्राम करने के साथ ही टीमवर्क, समस्या-समाधान और स्थायी पद्धति को प्रोत्साहित करना।
प्रतिभागियों के लिए पहली चुनौती एक रोबोटिक्स सिस्टम बनाना था जो भूकंप पीड़ितों की जान बचा सके। एक वास्तविक भूकंप की नकल करने के लिए वर्चुअल माहौल तैयार किया गया, जहां रोबोट को लोगों की जान बचाने और पीड़ितों को आश्रय स्थलों और अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए प्रोग्राम किया गया था।
एआई पायनियर्स रही विजेता
सीनियर वर्ग में दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड की टीम “एआई पायनियर्स” विजेता रही और जूनियर वर्ग का पुरस्कार उत्तर प्रदेश के वाराणसी के कोइराजपुर स्थित संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल की टीम “रेस्क्यू रेंजर्स” को मिला। इस कार्यक्रम का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को आगे बढ़ाने के लिए रोबोटिक्स में प्रैक्टिकल समाधान का प्रदर्शन करना है। मंत्रालय ने कहा, "अलग-अलग हितधारकों को एक साथ लाकर, आईटीयू-डब्ल्यूटीएसए 2024 महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों को संबोधित करने वाले इनोवेशन का मार्ग प्रशस्त करना जारी रखेगा।"
इनपुट- आईएएनएस
