Revive Your Android Phone : अगर आप अपने एंड्रॉइड स्मार्टफ़ोन को एक-दो साल से रोजाना इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपने महसूस किया होगा कि इसकी रफ्तार धीरे-धीरे धीमी पड़ने लगी है। फोन छूते ही तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय अब अटक-अटक कर चलने लगा है। ज्यादातर लोग इसे फोन का पुराना होना मान लेते हैं और नया डिवाइस खरीदने का मन बनाने लगते हैं। हालांकि, सच यह है कि फोन के स्लो होने की बड़ी वजह आपकी रोजमर्रा की डिजिटल गतिविधियां ही होती हैं। अनजाने में फोन के अंदर अनगिनत बेकार फाइलों, ऐप्स के पुराने कैशे (Cache) डेटा, बैकग्राउंड में चल रही गैर-जरूरी प्रक्रियाओं और कई सिस्टम लॉग का अंबार लग जाता है। अच्छी खबर यह है कि अपने फोन को फिर से सुपरफास्ट और नए जैसा बनाने के लिए आपको नया हैंडसेट खरीदने या पैसे खर्च करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सिर्फ 10 मिनट की सही सफाई से आपका पुराना फोन नए जैसी स्पीड से दौड़ने लगेगा।
बेकार ऐप्स को तुरंत हटाएं
फोन को तेज बनाने की दिशा में सबसे पहला और असरदार कदम है उन ऐप्स को हटाना जिन्हें आपने महीनों से नहीं खोला है। हमारे फोन में अक्सर ऐसे कई ऐप्स पड़े रहते हैं जिन्हें हम किसी एक काम के लिए डाउनलोड करते हैं और फिर भूल जाते हैं। ये गैर-जरूरी ऐप्स न केवल आपके डिवाइस की कीमती स्टोरेज जगह को घेरते हैं, बल्कि बैकग्राउंड में लगातार चलते रहकर प्रोसेसर और बैटरी दोनों पर भारी दबाव डालते हैं। इसके अलावा, कई पुराने ऐप्स आपके निजी डेटा, लोकेशन और कांटेक्ट लिस्ट की परमिशन भी लेकर रखते हैं, जो आपकी प्राइवेसी के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। अपने ऐप ड्रॉअर को खोलें और जिन ऐप्स का अब कोई इस्तेमाल नहीं है, उन्हें तुरंत अनइंस्टॉल कर दें। अगर किसी ऐप को सीधे दबाकर रखने पर डिलीट का विकल्प न मिले, तो आप फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप सेक्शन से उसे हटा सकते हैं।
फाइलों की सफाई करें और स्टोरेज खाली करें
अनचाहे ऐप्स को हटाने के बाद अगला जरूरी काम है फोन की इंटरनल स्टोरेज में जमा हुई पुरानी और बड़ी फाइलों को साफ करना। अक्सर हम टेकआउट मेनू, रैंडम फोटो, जिफ या इंटरनेट से डाउनलोड किए गए दस्तावेज भूल जाते हैं। समय के साथ ये छोटी-छोटी फाइलें मिलकर आपकी स्टोरेज को पूरी तरह भर देती हैं। फोन की स्टोरेज को चुटकियों में मैनेज करने का सबसे आसान तरीका आपके फोन में पहले से मौजूद 'फाइल्स' (Files) ऐप का इस्तेमाल करना है। सैमसंग के फोन में इसे 'माय फाइल्स', गूगल पिक्सेल में 'फाइल्स' और वनप्लस में 'फाइल मैनेजर' के नाम से जाना जाता है। इस ऐप को खोलकर सबसे पहले अपने 'डाउनलोड्स' फोल्डर को चेक करें। जो फाइलें काम की न हों उन्हें डिलीट कर दें और जरूरी दस्तावेजों को गूगल ड्राइव जैसे क्लाउड स्टोरेज पर शिफ्ट कर दें। इसके अलावा, ऐप में 'लार्ज फाइल्स' वाले सेक्शन में जाकर ज्यादा जगह घेरने वाले बड़े वीडियो और फाइलों को साफ करें।
होम स्क्रीन सेटिंग्स में करें बदलाव
एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी कस्टमाइजेशन क्षमता है। आप अपने फोन के पूरे लुक और फील को बदलकर उसे एकदम नया अवतार दे सकते हैं। नया फोन जैसा अहसास पाने के लिए आपको किसी थर्ड-पार्टी लॉन्चर को डाउनलोड करने की भी जरूरत नहीं है, बल्कि यह काम फोन की इन-बिल्ट सेटिंग्स से ही आसानी से हो सकता है। होम स्क्रीन के किसी खाली हिस्से पर कुछ सेकंड के लिए उंगली दबाकर रखें और फिर 'होम सेटिंग्स' का विकल्प चुनें। यहां से आप ऐप ग्रिड का साइज बदल सकते हैं, जैसे कि 4x5 की जगह 5x5 ग्रिड चुनना। लेआउट में यह छोटा सा बदलाव आपकी स्क्रीन को पूरी तरह से नया और मॉडर्न लुक दे देता है। इसके साथ ही, आप स्क्रीन के ऊपरी हिस्से तक हाथ पहुंचाए बिना सिर्फ नीचे की तरफ स्वाइप करके नोटिफिकेशन बार खोलने जैसी सुविधाजनक सेटिंग्स भी चालू कर सकते हैं।
डिवाइस और प्राइवेसी सेटिंग्स को ऑप्टिमाइज करें
अंतिम चरण में फोन की आंतरिक सेटिंग्स को बेहतर बनाना और अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित करना शामिल है। सबसे पहले अपने फोन में 'डार्क मोड' चालू करें। डार्क मोड न केवल आपकी आंखों को राहत देता है और ऐप्स के लुक को शानदार बनाता है, बल्कि ओएलईडी डिस्प्ले वाले फोन में बैटरी की काफी बचत भी करता है। इसके बाद, फोन की मुख्य सेटिंग्स में जाएं और 'प्राइवेसी' के अंदर 'परमिशन मैनेजर'को खोलें। यहां कैटेगरी के हिसाब से चेक करें कि किन-किन ऐप्स को आपकी लोकेशन, कैमरा, माइक्रोफोन या कांटेक्ट्स का एक्सेस मिला हुआ है। अगर किसी ऐसे ऐप के पास लोकेशन की परमिशन है जिसे इसकी जरूरत नहीं है, तो उसे तुरंत बंद कर दें। प्राइवेसी सेटिंग्स का यह री-चेक आपके पर्सनल डेटा को सुरक्षित रखेगा, बैकग्राउंड डेटा खपत घटाएगा और आपके डिवाइस को बेहतरीन परफॉर्मेंस देगा।
