देश में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन और इससे जुड़े तंत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा बहुभाषी सुविधाओं से मजबूत किया जाए, ताकि लोगों के लिए शिकायत दर्ज कराना और अधिक सुविधाजनक बन सके।
गृह मंत्री ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे राज्य सरकारों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करें और हेल्पलाइन पर मिलने वाली हर शिकायत का पूरी गंभीरता से निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक खाते फ्रीज होने से लोगों को होने वाली दिक्कतों का समाधान निकालने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
हेल्पलाइन नंबर को एडवांस बनाने के निर्देश
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार एक सुरक्षित, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और नागरिक-केंद्रित साइबर अपराध रोकथाम एवं रिस्पांस तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्देश दिया कि 1930 हेल्पलाइन का व्यापक एडवांस किया जाए तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर इसे और अधिक सक्षम बनाया जाए।
गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित 1930 कॉल सेंटरों को तकनीकी एवं बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, साइबर अपराधों में इस्तेमाल हो रहे म्यूल बैंक अकाउंट्स (Mule Bank Accounts) पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने पर भी जोर दिया।
CFCFRMS की भी समीक्षा
बैठक के दौरान साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड रिपोर्टिंग एवं मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) की भी समीक्षा की गई। गृह मंत्री ने CFCFRMS के अंतर्गत विकसित मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) और ग्रीवांस रिड्रेसल मॉड्यूल (GRM) की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ितों को समयबद्ध राहत मिल सके।
अधिकारियों ने बताया कि मनी रेस्टोरेशन और ग्रीवांस रिड्रेसल व्यवस्था के माध्यम से अब तक लगभग एक लाख नागरिकों को लाभ पहुंचाया जा चुका है। बैठक में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई, धन की रिकवरी तथा शिकायतों के शीघ्र समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।
