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EXPLAINED: भूकंप डिटेक्टर मशीन कैसे बन जाता है Android स्मार्टफोन? Google ने ऐसे किया कमाल

यह सिस्टम न केवल अमेरिका जैसे देशों में मौजूद पारंपरिक ShakeAlert नेटवर्क के साथ काम करता है, बल्कि उन देशों में भी स्वतंत्र रूप से काम करता है जहां कोई आधिकारिक भूकंप चेतावनी सिस्टम मौजूद नहीं है, जैसे कि फिलीपींस, तुर्की और इंडोनेशिया। यहां हम इस सिस्टम के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

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गूगल का एंड्रॉइड भूकंप अलर्ट सिस्टम एक स्मार्ट और ग्लोबल सिस्टम है जो आपके Android स्मार्टफोन को ही एक छोटे भूकंप डिटेक्टर की तरह इस्तेमाल करता है। (image-Google)

Earthquake Detection Network: यदि आप एंड्रॉयड स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है क्योंकि अब भूकंप आने से पहले ही Android स्मार्टफोन आपको अलर्ट भेज सकते हैं। गूगल ने एक ऐसा ग्लोबल सिस्टम तैयार किया है, जो किसी भी अतिरिक्त डिवाइस के बिना मोबाइल के सेंसर से भूकंप का पता लगाता है और लोगों को कुछ सेकेंड पहले ही चेतावनी दे देता है। यानी आपका फोन ही भूकंप डिटेक्टर मशीन का काम करता है। चलिए जानते हैं क्या है गूगल की यह टेक्नोलॉजी और कैसे काम करती है। साथ ही अपने फोन में भूकंप अलर्ट को ऑन करने का तरीका भी देखेंगे।

क्या है Android Earthquake Alert System?

गूगल का एंड्रॉइड भूकंप अलर्ट सिस्टम एक स्मार्ट और ग्लोबल सिस्टम है जो आपके Android स्मार्टफोन को ही एक छोटे भूकंप डिटेक्टर की तरह इस्तेमाल करता है। इसमें किसी विशेष या अलग उपकरण की जरूरत नहीं होती। यह सिस्टम फोन में पहले से मौजूद accelerometer सेंसर का उपयोग करता है, जो कंपन या हिलने-डुलने जैसी गतिविधियों को पहचानता है।

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कैसे काम करता है Android Earthquake Alert System?

गूगल का यह सिस्टम एंड्रॉयड फोन में मौजूद accelerometer का इस्तेमाल करता है, जो आमतौर पर मोबाइल को झटकों या मूवमेंट का पता लगाने के लिए इस्तेमाल होता है। जब कोई फोन चार्ज पर लगा हो, स्थिर हो और उसमें P-wave जैसे हल्के भूकंपीय झटके दर्ज होते हैं, तो वह एक अनाम सिग्नल Google को भेजता है। अगर किसी इलाके के कई फोन एक जैसा सिग्नल भेजते हैं, तो सिस्टम तुरंत उस क्षेत्र में भूकंप की आशंका दर्ज करता है, उसकी तीव्रता और लोकेशन का आकलन करता है और आस-पास के लोगों को अलर्ट भेजता है।

यह सिस्टम न केवल अमेरिका जैसे देशों में मौजूद पारंपरिक ShakeAlert नेटवर्क के साथ काम करता है, बल्कि उन देशों में भी स्वतंत्र रूप से काम करता है जहां कोई आधिकारिक भूकंप चेतावनी सिस्टम मौजूद नहीं है, जैसे कि फिलीपींस, तुर्की और इंडोनेशिया।

मोबाइल में ऐसे ऑन होगा अलर्ट सिस्टम

मोबाइल में ऐसे ऑन होगा अलर्ट सिस्टम

अपने मोबाइल में कैसे ऑन करें अलर्ट सिस्टम ?

  • यदि आपके पास एंड्रॉयड स्मार्टफोन है तो आप भी इस सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसके लिए सबसे पहले अपने स्मार्टफोन की Settings (सेटिंग्स) में जाएं।
  • Safety & Emergency या Location ऑप्शन खोलें (फोन मॉडल के अनुसार)।
  • Earthquake Alerts या भूकंप अलर्ट विकल्प खोजें।
  • इसे ON/चालू कर दें।
  • यहां आप यह सिस्टम कैसे काम करता है का डेमो भी देख सकते हैं।
  • इसके अलावा आपको यहां भूकंप सेफ्टी टिप्स भी मिलती है।
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कहां और कितना असरदार साबित हुआ यह सिस्टम?

गूगल की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2024 के बीच इस सिस्टम ने 100 से ज्यादा देशों में 11,000 से अधिक भूकंपों का सफलतापूर्वक पता लगाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई बार लोगों को 15 से 60 सेकंड पहले ही चेतावनी मिल गई, जिससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सका।

अमेरिका में यह सिस्टम ShakeAlert नेटवर्क के साथ काम करता है, जबकि इंडोनेशिया, फिलीपींस और तुर्की जैसे देशों में यह एक स्वतंत्र अलर्ट सिस्टम के रूप में सर्विस देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मोबाइल के जरिए उन जगहों पर भी अलर्ट पहुंचाता है जहां पारंपरिक सिस्टम मौजूद नहीं हैं।

सिस्टम की सीमाएं भी, लेकिन संभावनाएं अपार

हालांकि यह सिस्टम बेहद प्रभावी है, लेकिन इसकी कुछ सीमाएं भी हैं। जिन क्षेत्रों में Android डिवाइस की संख्या कम है, वहां इसकी भूकंप पहचान क्षमता भी कमजोर हो सकती है। इसके अलावा, डेटा प्रोसेसिंग की स्पीड और यूजर ट्रस्ट भी इसके प्रभाव पर असर डाल सकते हैं। लेकिन यदि यह सिस्टम सरकारी एजेंसियों और पब्लिक सेफ्टी संगठनों के साथ मिलकर काम करे, तो यह दुनियाभर में करोड़ों लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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