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डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म यूजर्स की संख्या एक करोड़ के पार, हर दिन 30 लाख कर रहे डाउनलोड

Digi Yatra platform: 1 करोड़ यूजर्स का मील का पत्थर हासिल करना प्लेटफ़ॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता और गोपनीयता-सुरक्षा और अच्छे यात्रा अनुभव प्रदान करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दिखाता है। वहीं हर दिन औसतन 30,000 लोग इस ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं।

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Digi Yatra platform

Digi Yatra platform: डिजी यात्रा ने एक करोड़ उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा पार कर लिया है। हर दिन औसतन 30,000 लोग इस ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं। यह डिजिटल यात्रा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। यह घोषणा प्लेटफॉर्म ने मंगलवार को की। सेल्फ सोवेरन आइडेंटिटी (एसएसआई) आधारित यह इकोसिस्टम एयरपोर्ट पर संपर्क रहित और यात्री के चेहरे की बायोमेट्रिक तकनीक का उपयोग करके काम करता है।

1 करोड़ यूजर्स का मील का पत्थर हासिल करना प्लेटफ़ॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता और गोपनीयता-सुरक्षा और अच्छे यात्रा अनुभव प्रदान करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दिखाता है। डिजी यात्रा फाउंडेशन के सीईओ सुरेश खड़कभवी ने कहा, “10 मिलियन जैसे मील का पत्थर हमारे यूजर्स के हम पर रखे गए विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। 'डी-केवाईसी' अभियान पहल सहित हमारे प्रयासों ने हमें 2024 में विकास को आगे बढ़ाने में मदद की। हमारा लक्ष्य भविष्य में और भी बड़ी सफलताएं हासिल करने के लिए नए विचार, गोपनीयता और यात्री अनुभव के विकास की गति को बनाए रखना है।

उन्होंने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए डिजी यात्रा को सक्षम बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) के साथ हमारी साझेदारी 2025 में और अधिक वृद्धि को प्रेरित करेगी।" बता दें कि डी-केवाईसी (अपने ग्राहक को न जानें) अभियान अक्टूबर में शुरू किया गया था। यह यूजर्स की गोपनीयता और पसंद के प्रति प्लेटफ़ॉर्म की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह अभियान इस बारे में था कि डिजी यात्रा किस तरह से ग्राहकों की जरूरतों को उनके व्यक्तिगत डेटा को एक्सेस किए बिना पूरा करती है। दिसंबर 2022 में स्थापित, डिजी यात्रा भारत के 24 एयरपोर्ट पर यात्री प्रोसेसिंग को सुव्यवस्थित करने के लिए फेस ऑथेन्टिकेशन तकनीक का लाभ उठाती है।

इसने आज तक 45 मिलियन से अधिक बिना रुके यात्राओं की सुविधा प्रदान की है, जिससे कई यात्रियों को एक सहज अनुभव मिला है। डिजी यात्रा की 2025 के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं। यह प्लेटफार्म सभी 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं का समर्थन करने का इरादा रखता है जिससे भाषा की बाधाओं को तोड़ा जा सके। ताकि प्रत्येक यात्री अपनी पसंद की भाषा में एयरपोर्ट की प्रक्रियाओं को आत्मविश्वास से नेविगेट कर सके। डिजी यात्रा का लक्ष्य एक अंतरराष्ट्रीय पायलट प्रोजेक्ट का संचालन करना भी है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट (ई-पासपोर्ट) वाले विदेशी यात्री इसके निर्बाध इकोसिस्टम का अनुभव कर सकें।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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