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EXPLAINED: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा क्यों नहीं है क्रिकेट?

ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों का आगाज 23 जुलाई, 2026 को होने जा रहा है। साल 2022 में क्रिकेट की 24 साल बाद इन खेलों में वापसी हुई थी लेकिन इस बार क्रिकेट इन खेलों में जगह शामिल नहीं किया गया जानिए क्या है वजह?

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ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026

23वें राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games 2026) का आगाज आज 23 जुलाई,2026 को स्कॉटलैंड क ग्लास्गो में होने जा रहा है। इस बार खेलों में 74 देशों और क्षेत्रों के कुल 3,000 से अधिक एथलीट भाग ले रहे हैं। साल 2022 में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में क्रिकेट को जगह मिली थी। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला टीम उसमें रजत पदक अपने नाम करने में सफल रही थी। टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच में हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन चार साल बाद क्रिकेट राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा नहीं है वो भी तब जब दुनियाभर में टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता दिन ब दिन बढ़ती जा रही है और ओलंपिक खेलों में क्रिकेट की वापसी हो रही है। जानिए क्या है इसकी वजह?

विक्टोरिया के मेजबानी छोड़ने के बाद बदले हालात

मूल रूप से साल 2026 में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को सौंपी गई थी। मेलबर्न सहित कई शहरों में खेलों का आयोजन होना था लेकिन जुलाई 2023 में आयोजन की लागत बजट से अत्याधिक बढ़ जाने की वजह से विक्टोरिया सरकार ने इन खेलों की मेजबानी से अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद स्कॉटलैंड के मेजबान शहर को नए मेजबान के रूप में चुना गया।

आयोजन की लागत कम करने के लिए हुई स्पर्धाओं में कटौती

खेलों के आयोजन पर तलवार लटकी हुई थी ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स फ़ेडरेशन (CGF) ने मेजबान के साथ मिलकर नया रास्ता चुना और कई खेल स्पर्धाओं को हटा दिया गया। आयोजन की लागत कम करने के लिए बर्मिंघम में आयोजित संस्करण की तुलना में खेलों की संख्या को 19 से घटाकर 10 कर दिया गया। ग्लास्गो में पहले से मौजूद चार वेन्यू का इस्तेमाल करके खेलों का आयोजन सुनिश्चित किया गया। ऐसे में क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, रेसलिंग और रग्बी सेवन्स जैसे कई लोकप्रिय खेलों को हटा दिया गया। जिनके लिए अलग मैदान और फैसिलिटी की आवश्यक्ता होती है और आयोजन का खर्च बढ़ता है।

अहमदाबाद 2030 में हो सकती है वापसी

बर्मिंघम में आयोजत राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार टी20 फॉर्मेट को जगह मिली थी। इससे पहले साल 1998 में कुआलालंपुर राष्ट्रमंडल खेलों में क्रिकेट को जगह मिली थी। भारतीय टीम सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में वहां पहुंची और पदक जीतने में नाकाम रही थी। उसके बाद क्रिकेट को राष्ट्रमंडल खेलों में वापसी के लिए 24 साल लंबा इंतजार करना पड़ा। लॉस एंजिलिस में आयोजित होने वाले ओलंपिक खेलों में क्रिकेट को जगह दी गई है। ऐसे में आशा की जा रही है कि साल 2030 में भारत के अहमदाबाद में आयोजित होने वाले राष्ट्रंमडल खेलों के लिए क्रिकेट की वापसी हो सकेगी।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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