Infosys Q1 Results: मार्केट कैप के हिसाब से भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी, Infosys ने गुरुवार को अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के तिमाही रिजल्ट जारी किए। आईटी कंपनी इन्फोसिस का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकीकृत मुनाफा 12.2 प्रतिशत बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। वहीं, आमदनी 14 प्रतिशत के उछाल के साथ 48,211 करोड़ रुपये रही। हालांकि, मार्च तिमाही के ₹8,501 करोड़ के प्रॉफ़िट के मुकाबले इसमें 8.6% की तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) गिरावट है। EBIT सालाना 15.4% और तिमाही 4.3% बढ़कर ₹10,163 करोड़ हो गया, जबकि EBIT मार्जिन 21.1% रहा; इसमें सालाना 0.3 प्रतिशत अंक और तिमाही 0.1 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹19.19 रहा, जो सालाना 14.9% ज्यादा है।
कंपनी ने FY27 के लिए कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को भी संशोधित किया है। इसने ऊपरी सीमा को पहले की 1.5%-3.5% रेंज से घटाकर 1.5%-3% कर दिया है, जबकि इस फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस को 20%-22% पर ही बनाए रखा है।
आशीष कुमार दास होंगे नए सीईओ
इन्फोसिस ने आशीष कुमार दास को अपना मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ-नामित) नियुक्त करने की गुरुवार को घोषणा की। वह एक अप्रैल, 2027 को पदभार संभालेंगे। दास, इन्फोसिस के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सलील पारेख का स्थान लेंगे। पारेख का दूसरा कार्यकाल 31 मार्च, 2027 को समाप्त होगा। उन्होंने कंपनी का नेतृत्व नौ वर्ष से अधिक समय तक किया है।
भारत की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी ने बयान में कहा कि इन्फोसिस के निदेशक मंडल की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति की सिफारिश पर दास की नियुक्ति पांच वर्ष की अवधि के लिए की गई है। हालांकि, यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगी।
दास वर्तमान में विभिन्न उद्योग क्षेत्रों वाले विविध कारोबार खंड के वैश्विक प्रमुख हैं। बयान के अनुसार, इन्फोसिस में तीन दशक से अधिक समय बिताने वाले दास ने वैश्विक परिचालन से जुड़े कई वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर काम किया है।
कंपनी ने कहा कि उन्होंने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया, ग्राहकों को जटिल कारोबारी एवं प्रौद्योगिकी बदलाव के दौर में मार्गदर्शन दिया तथा वैश्विक स्तर पर उच्च प्रदर्शन करने वाले दलों का निर्माण किया है।
कंपनी ने कहा, निदेशक मंडल का मानना है कि रणनीतिक एवं व्यावसायिक समझ के साथ प्रौद्योगिकी में उनका अनुभव उन्हें कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित बदलाव के अगले चरण में इन्फोसिस का नेतृत्व करने और कंपनी की दीर्घकालिक ताकतों को आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त बनाता है।
आईटी सेक्टर बड़े बदलाव के दौर में: नीलेकणि
इन्फोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने कहा कि उद्योग एक बड़े बदलाव के दौर में प्रवेश कर रहा है। नीलेकणि ने कहा कि निदेशक मंडल का मानना था कि हमारे अगले सीईओ में साहसिक बदलाव का नेतृत्व करने की क्षमता के साथ-साथ उन मूल्यों एवं ग्राहकों के विश्वास को बनाए रखने का विवेक भी होना चाहिए, जिन्होंने हमेशा इन्फोसिस को अलग पहचान दी है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारा अगला सीईओ कंपनी के भीतर से चुना गया है।
