उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने शुक्रवार को
मंत्रालय ने कहा कि ये उपकरण उपभोक्ताओं को उनकी कानूनी स्थिति के बारे में गुमराह कर सकते हैं। साथ ही कानून प्रवर्तन और आपातकालीन सेवाओं द्वारा उपयोग किए जाने वाले महत्वपूर्ण संचार नेटवर्क में हस्तक्षेप कर सकते हैं। दूरसंचार विभाग (डीओटी) और गृह मंत्रालय (एमएचए) के साथ व्यापक अंतर-मंत्रालयी परामर्श के बाद इन दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दिया गया।
जांच में पाया गया कि वायरलेस ऑपरेटिंग लाइसेंस की जरूरत या लागू कानूनों के अनुपालन के बारे में जरूरी और स्पष्ट खुलासे के बिना ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर वॉकी-टॉकी बेचे जा रहे हैं। वॉकी-टॉकी के लिए प्रोडक्ट लिस्टिंग में यह साफ नहीं किया गया है कि डिवाइस को इस्तेमाल करने के लिए संबंधित प्राधिकरण से लाइसेंस की जरूरत है या नहीं।
दिशानिर्देशों के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि केवल अधिकृत और अनुपालक वॉकी-टॉकी उपकरण ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों के लिए पेश किए जाएं। इसके अलावा, प्रोडक्ट लिस्ट में फ्रीक्वेंसी और अन्य तकनीकी पैरामीटर की जानकारी देना जरूरी होगा। जारी दिशानिर्देश ऐसे भ्रामक विज्ञापनों या उत्पाद विवरणों पर प्रतिबंध लगाते हैं, जो उपभोक्ताओं को उपकरणों के कानूनी उपयोग के बारे में गलत जानकारी दे सकते हैं।
नए दिशानिर्देश उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अनुसार उल्लंघनों के लिए दंड और प्रवर्तन व्यवस्था की रूपरेखा भी तय करते हैं। मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई है कि इन दिशानिर्देशों के साथ विभाग का लक्ष्य उचित जानकारी के माध्यम से उपभोक्ता जागरूकता को बढ़ावा देना है। साथ ही, विक्रेता की साख और प्रमाणीकरण का सत्यापन अनिवार्य करना, अनधिकृत लिस्टिंग के लिए स्वचालित निगरानी और निष्कासन तंत्र लागू करना है। इसके अलावा, जारी दिशानिर्देश अनुपालन न करने की स्थिति में दंड और प्लेटफॉर्म दायित्व लागू करना भी सुनिश्चित करते हैं।
इनपुट-आईएएनएस
