रूस ने पहले WhatsApp पर लगाया बैन और अब इस पॉपुलर App को भी कर दिया बंद, जानें वजह
- Authored by: गौरव तिवारी
- Updated Feb 13, 2026, 12:32 PM IST
Telegram App पर लगे बैन को लेकर देश के टेलीकम्युनिकेशन रेगुलटर रोस्कोम्नाडजोर ने एक बयान में कहा कि टेलीग्राम पर तब तक प्रतिबंध लागू रहेगा जब तक वह रूस के कानून का उल्लंघन करना नहीं बंद कर देता है।
टेलीग्राम पर रूस ने लगाया प्रतिबंध। (फोटो क्रेडिट-iStock)
हाल ही में रूस की तरफ से देश में इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप को बैन किया गया था। अब रूस ने एक और पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को देश में प्रतिबंधित कर दिया है। रूस ने देश में अब Telegram को बैन कर दिया है। सरकार ने ऐप को प्रतिबंधित करने के पीछ का कारण नागरिकों की सुरक्षा बताया है। इसके साथ ही ऐप पर यह आरोप भी लगाया गया है कि वह उन कंटेंट को ब्लॉक करने से इनकार कर रहा है जिन्हें आपराधिक और आतंकवादी की लिस्ट पर मार्क किया गया है।
Telegram App पर लगे बैन को लेकर देश के टेलीकम्युनिकेशन रेगुलटर रोस्कोम्नाडजोर ने एक बयान में कहा कि टेलीग्राम पर तब तक प्रतिबंध लागू रहेगा जब तक वह रूस के कानून का उल्लंघन करना नहीं बंद कर देता है। उन्होंने बताया कि देश के नागरिकों का नीजी डाटा सुरक्षित नहीं है।
ऐप लगा भारी भरकम जुर्माना
उन्होंने कहा कि फ्रॉड और आपराधिक गतिविधियों के लिए मैसेजिंग सर्विस के उपयोग को रोकने का कोई प्रभावी उपाय नहीं है। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने की तरफ से शेयर की गई जानकारी के अनुसार कि टेलीग्राम पर मैसेंजर प्लेटफॉर्म से बैन कंटेंट को हटाने से इनकार करने और सेल्फ रेगुलेट में पूरी तरह से असफल रहने के लिए उस पर 64 मिलियन रूबल (लगभग 7,50,14,730 रुपये) का जुर्माना लगाया गया है।
यूजर्स कर रहे हैं शिकायत
सरकार की तरफ से टेलीग्राम पर की गई इस कार्रवाई के बाद यूजर्स लगातार शिकायत कर रहे हैं कि मैसेजिंग ऐप ठीक से काम नहीं कर रहा है। इसके साथ ही कई यूजर्स की तरफ से यह भी शिकायत की गई है कि यह पहले की तुलना में काफी ज्यादा स्लो हो गया है। डिजिटल सर्विस ट्रैकिंग साइट डाउनडिटेक्टर के अनुसार टेलीग्राम को लेकर हजारों की संख्या में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गौरतलब है कि रूस में लाखों की संख्या में लोग टेलीग्राम का इस्तेमाल करते हैं और इसमें सिर्फ आम नागरिक ही नहीं बल्कि सेना और देश के टॉप लेवल के अधिकारी तक शामिल हैं।
इस ऐप को किया गया अनिवार्य
रूस में Max नाम का एक सरकारी समर्थन वाला इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप है। रूस की सरकार ने यह नियम बनाया है कि देश में बिकने वाले सभी नए स्मार्टफोन और टैबलेट में यह ऐप पहले से इंस्टॉल होना चाहिए। इस ऐप की मदद से लोग एक-दूसरे को मैसेज भेज सकते हैं, पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं और ऑडियो-वीडियो कॉल भी कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस ऐप को VK ने बनाया है। VK की स्थापना Pavel Durov ने की थी। दुरोव ने साल 2014 में अपने शेयर बेच दिए थे और उसके बाद रूस छोड़ दिया था।
