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5G के बाद अब 6G की बारी, भारत ने शुरू किया अगली पीढ़ी के इंटरनेट का रोडमैप

भारत भले ही 6G लॉन्च करने का लक्ष्य अगले पांच साल में लेकर चल रहा है, लेकिन सरकार का मानना है कि इसकी तैयारी अभी से शुरू करना जरूरी है, ताकि सभी कंपनियां, संस्थान और उपभोक्ता नई तकनीक के लिए समय पर तैयार हो सकें।

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5G के बाद अब 6G की बारी, भारत ने शुरू किया अगली पीढ़ी के इंटरनेट का रोडमैप

भारत अब 5G के बाद अगली पीढ़ी की मोबाइल टेक्नोलॉजी यानी 6G की तैयारी में जुट गया है। केंद्र सरकार जल्द ही 6G मोबाइल कम्युनिकेशन को लेकर नीतिगत चर्चा शुरू करने जा रही है। इसका उद्देश्य देश में स्वदेशी तकनीक विकसित करना, रिसर्च को बढ़ावा देना और घरेलू स्तर पर पेटेंट तैयार करना है। नीति आयोग के तहत अलग-अलग मंत्रालयों के बीच बातचीत शुरू होगी, जिसमें स्पेक्ट्रम लाइसेंसिंग, तकनीक को लागू करने और 6G इकोसिस्टम तैयार करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

AI आधारित आर्किटेक्चर पर होगा फोकस

सरकार का लक्ष्य है कि भारत 6G के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल और नई तकनीकी प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाए। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक 6G के लिए मौजूदा सभी तकनीकों को एक साथ जोड़ते हुए AI आधारित आर्किटेक्चर तैयार करने पर काम किया जाएगा, जिससे देश में 6G नेटवर्क को आसानी से लागू किया जा सके।

सैटेलाइट और मोबाइल नेटवर्क का होगा एकीकरण

6G योजना में सबसे बड़ा फोकस देश के हर हिस्से तक इंटरनेट पहुंचाने पर होगा। इसके लिए मोबाइल टावरों को सैटेलाइट और लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) नेटवर्क के साथ जोड़ा जाएगा। इस तकनीक की मदद से दूर-दराज के गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों और समुद्री इलाकों तक भी बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। सरकार अंतरिक्ष से धरती तक कनेक्टिविटी में AI का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है, जिससे होलोग्राफिक कम्युनिकेशन जैसे एडवांस एप्लिकेशन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

2030 तक 10 फीसदी 6G पेटेंट का लक्ष्य

भारत 2030 तक दुनिया के कुल 6G पेटेंट में करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। वर्तमान में भारत की हिस्सेदारी लगभग 6 से 8 फीसदी के बीच है। देश में करीब 4,000 6G पेटेंट दर्ज किए जा चुके हैं और भारत 6G पेटेंट फाइलिंग के मामले में दुनिया के शीर्ष छह देशों में शामिल है।

Bharat 6G Alliance से बढ़ेगा रिसर्च को बढ़ावा

सरकार ने साल 2023 में Bharat 6G Alliance की शुरुआत की थी। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां शोधकर्ता, निजी कंपनियां और शिक्षण संस्थान मिलकर 6G तकनीक, डिवाइस, मानकों और नए उपयोगों पर काम कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य वैश्विक साझेदारी बढ़ाना और भारत को 6G तकनीक के विकास में मजबूत स्थिति दिलाना है।

6G से डिजिटल इकोनॉमी को मिलेगा विस्तार

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की करीब 8 फीसदी आबादी यानी लगभग 57.9 करोड़ लोग अभी भी सक्रिय इंटरनेट यूजर नहीं हैं। सरकार का मानना है कि 6G जैसी नई तकनीक से डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार होगा और देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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