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Kal Ka Mausam : 48 घंटे में आएगा आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश संग होगा वज्रपात; IMD का आया अलर्ट

kal ka mausam (16 September 2026) कल का मौसम कैसा रहेगा मानसून की बारिश, बाढ़ पर आईएमडी का अलर्ट : उत्तर भारत में अभी मानसूनी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है, लेकिन इसमें थोड़ी कमी आएगी। आईएमडी ने अगले 24 घंटे के मौसम का पूर्वानुमान जताते हुए पहाड़ों पर मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया है। उधर, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में तेज वर्षा का अलर्ट है।

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कल का मौसम

कल का मौसम कैसा रहेगा : देश के अधिकांश हिस्सों पर मानसून का रुख फीका पड़ता जा रहा है। हालांकि, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में अभी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि लो प्रेशर एरिया गुजरात के ऊपर बनता दिखाई दे रहा है, जिससे अगले 48 घंटे के दौरान गुजरात और कच्छ में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में भी मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं। स्काईमेट की मानें तो तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अच्छी बारिश के आसार हैं। उधर, पूर्वोत्तर के अधिकांश राज्यों में बड़ा अलर्ट जारी है। आईएमडी ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान मानसून की रेखा उत्तर भारत की तरफ शिफ्ट होगी, जिससे राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब में मौसमी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, पहाड़ों पर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी तेज वर्षा का पूर्वानुमान है।

यूपी में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज ऊपर-नीचे हो रहा है। मानसून की ट्रफ पश्चिमी जिलों में है, जिससे अगले कुछ घंटे के दौरान धूप छांव का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। इस दौरान आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है। खासकर, 15 से 17 सितंबर के दौरान मेघ गर्जन के साथ मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं, जबकि कुछ असर मध्य यूपी में भी बना रह सकता है। 20 सितंबर से मानसून वापसी की ओर होगा, जिसके बाद बारिश का क्रम टूट सकता है। अब रात में ओस की मात्रा बढ़ेगी और दिन में शुष्क हवाएं चलेंगी, जिससे शाम होते ही मौसम में ठंडक महसूस की जाएगी।

दिल्ली में कल का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही है, लेकिन बारिश का अता पता नहीं है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को लेकर येलो अलर्ट जारी किया था, लेकिन ये दावा हकीकत में नहीं बदला। हालांकि, अगले 24 घंटे के दौरान मौसम में परिवर्तन आने की संभावना व्यक्त की गई है। फिलहाल, मौसम में शुष्की है और हवाओं में नर्मी। बुधवार को न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पिछले दिनों हुई मौसमी गतिविधियों के कारण प्रदूषण के स्तर में कमी आई है, जिससे लोगों को साफ हवा नशीब हुई। फिलहाल, एक्यूआई 100 के आसपास है, जो संतोषजनक श्रेणी में आती है।

राजस्थान में कैसा रहेगा मौसस

राजस्थान में नए मौसमी तंत्र के एक्टिव होने से कई जिलों में मौसमी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में बारिश का सिलसिला अभी जारी रहने का अनुमान है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, लो प्रेशर एरिया दक्षिण पश्चिम राजस्थान और आसपास के कच्छ क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है। जिससे उदयपुर, कोटा, जोधपुर, अजमेर संभाग में हल्की मध्यम बारिश रिकॉर्ड की जा रही है। 15 सितंबर को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, जोधपुर संभाग के कुछ भागों में हल्की मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है। 16-17 सितंबर को उत्तर पश्चिम भारत के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ व मानसून के प्रभाव से बीकानेर संभाग के गंगानगर, हनुमानगढ़, चुरु जिलों व शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से तेज हवाएं चलने व हल्की-मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।

बिहार में बारिश का दौर खत्म?

बिहार के लिए मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी करते हुए मानसून की विदाई आने का समय बताया है। कहना है कि इस साल राज्य में बारिश बेहद असमान रही। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की अवधि एक जून से 30 सितंबर तक रहती है और अब इसके समाप्त होने में महज एक पखवाड़ा यानी 15 दिन शेष हैं। इसके बावजूद राज्य में अब तक सामान्य से करीब 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। औरंगाबाद को छोड़कर सभी 37 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, एक जून से 14 सितंबर तक कई जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे अधिक बारिश की कमी शिवहर जिले में रही, जहां सामान्य से 62 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वहीं सीतामढ़ी और जहानाबाद में बारिश की कमी 58 प्रतिशत दर्ज की गई है। हालांकि, बारिश की कमी के बावजूद इस मानसून में कई प्रमुख नदियों ने रौद्र रूप दिखाया। गंगा, कोसी, गंडक सहित सात बड़ी नदियों और पुनपुन समेत छह से अधिक छोटी नदियों के जलस्तर में बढोतरी के कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी रही।

तमिलनाड़ु का मौसम कैसा है

तमिलनाडु के नौ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि नीलगिरी और कोयंबटूर में 20 सितंबर तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश जारी रह सकती है। अगले 48 घंटों के दौरान नीलगिरी, कोयंबटूर, इरोड, सलेम, कृष्णागिरी, धर्मपुरी, वेल्लोर, तिरुपत्तूर, रानीपेट, मदुरै, डिंडीगुल, विरुधुनगर, शिवगंगा और तिरुवनमलाई के साथ-साथ कावेरी डेल्टा के जिलों तंजावुर, तिरुवरूर, मयिलादुथुराई और नागपट्टिनम में गरज और बिजली के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। स्काईमेट ने अन्य दक्षिणी राज्यों में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। अगले एक सप्ताह के दौरान कई हिस्सों पर आंधी-तूफाननुमा हवाओं के साथ भारी से भारी वर्षा रिकॉर्ड की जा सकती है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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