आगामी फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें खेल और राजनीति के टकराव की झलक दिख रही है। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के एक दूत ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संस्था FIFA से अपील की है कि टूर्नामेंट में पहले से क्वालिफाई कर चुकी ईरान की टीम को हटाकर उसकी जगह इटली को शामिल किया जाए।
इटली नहीं कर पाया है क्वालिफाई
इस मांग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि ईरान ने नियमों के तहत क्वालिफिकेशन हासिल किया है, जबकि इटली इस बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर सका। ऐसे में किसी टीम को हटाकर दूसरी को शामिल करने का प्रस्ताव खेल के स्थापित नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।
अमेरिका-ईरान संबंधों का असर
माना जा रहा है कि यह मुद्दा केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीतिक समीकरण भी भूमिका निभा सकते हैं। ईरान और अमेरिका के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध रहे हैं, और ऐसे में इस तरह की मांग को उसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।
FIFA की ओर से कोई बयान नहीं
हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक FIFA की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का कदम उठाना आसान नहीं होगा, क्योंकि इससे टूर्नामेंट की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं।
एक नजर में फीफा वर्ल्ड कप 2026
FIFA World Cup 2026 अब तक का सबसे बड़ा फुटबॉल वर्ल्ड कप होने जा रहा है, जो कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। सबसे खास बात यह है कि पहली बार इस टूर्नामेंट की मेजबानी तीन देश मिलकर करेंगे—संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको।यह पहली बार होगा जब वर्ल्ड कप तीन देशों में आयोजित किया जाएगा। इस बार टूर्नामेंट का फॉर्मेट भी बदला गया है। अब इसमें 32 की जगह 48 टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे मुकाबले और भी ज्यादा रोमांचक और व्यापक हो जाएंगे। कुल मैचों की संख्या भी बढ़कर 104 हो जाएगी। टूर्नामेंट जून से जुलाई 2026 के बीच आयोजित होगा और इसके मैच इन तीनों देशों के अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे। फाइनल मैच के लिए अमेरिका को मुख्य मेजबान माना जा रहा है। इस वर्ल्ड कप में एशिया, अफ्रीका और अन्य महाद्वीपों की टीमों को ज्यादा मौके मिलेंगे, क्योंकि टीमों की संख्या बढ़ने से क्वालिफिकेशन के स्लॉट भी बढ़ाए गए हैं।
