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'भस्मासुर बनाकर सरकार से मदद मत मांगिए', AI कंपनियों को अमेरिकी उप राष्ट्रपति वेंस की कड़ी नसीहत

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रौद्योगिकी जगत के दिग्गजों द्वारा सरकार से अधिक नियमन की हालिया मांगों का कड़ा विरोध कर रहे हैं। नियमन की मांग करने वालों में 'एंथ्रोपिक’ के डारियो अमोदेई, 'ओपनएआई’ के सैम ऑल्टमैन और 'एक्सएआई’ के एलन मस्क जैसे दिग्गज शामिल हैं।

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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस।

Photo : ANI

JD Vance to AI Labs : अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने AI के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों की तीखी आलोचना की है। वेंस ने एआई उन्नत प्रणालियों का लगातार विकास करने और इसके नियमन के लिए वैश्विक व्यवस्था की मांग करने पर उन्हें आड़े हाथ लिया है। उप राष्ट्रपति ने AI के उन दिग्गजों पर निशाने पर लिया है जो तत्काल रक्षात्मक टूल विकसित करने की जगह संभावित खतरों का निर्माण कर रहे हैं।

'फ्रैंकनस्टाइन से बचाव के लिए सुरक्षा तंत्र तैयार कीजिए'

एक बिजनेस एवं तकनीक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वेंस ने कहा, 'ऐसा क्यों है कि AI अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सबसे आगे काम कर रहे लोग हाथ खड़े कर कह रहे हैं कि ‘हमने फ्रैंकनस्टाइन बना दिया है’, और अब इस फ्रैंकनस्टाइन का समाधान कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक वैश्विक शासन व्यवस्था बनाना बताया जा रहा है? उन्होंने आगे कहा, 'मैं ऐसे लोगों से यही कहूंगा: अगर आप फ्रैंकनस्टाइन बना रहे हैं, तो उसे बनाना बंद कर दीजिए। और अगर बिल्ली थैले से बाहर आ चुकी है, तो फ्रैंकनस्टाइन से बचाव के लिए सुरक्षा तंत्र तैयार कीजिए।'

ये कंपनियां मांग कर रहीं नियमन

वहीं, एआई के संभावित नुकसानों को लेकर प्रौद्योगिकी उद्योग जगत की लगातार बढ़ती चेतावनियां वाशिंगटन (अमेरिका) की राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ रही हैं। यह स्थिति देश की संघीय सरकार की क्षमता और इच्छाशक्ति की एक नयी परीक्षा है कि क्या वह इस दौर के सबसे बड़े और निर्णायक मुद्दे का सामना करने के लिए तैयार है या नहीं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रौद्योगिकी जगत के दिग्गजों द्वारा सरकार से अधिक नियमन की हालिया मांगों का कड़ा विरोध कर रहे हैं। नियमन की मांग करने वालों में 'एंथ्रोपिक’ के डारियो अमोदेई, 'ओपनएआई’ के सैम ऑल्टमैन और 'एक्सएआई’ के एलन मस्क जैसे दिग्गज शामिल हैं।

ट्रंप ने कोशिशों को खारिज किया

राष्ट्रपति ने सोमवार को इस प्रौद्योगिकी पर अंकुश लगाने की कोशिशों को एक 'साजिश’ करार देते हुए खारिज कर दिया। वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत अन्य प्रमुख रिपब्लिकन नेताओं ने इस मामले में सावधानी बरतने की बात कही है। दूसरी ओर, हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने इस मुद्दे पर पूरी तरह से व्हाइट हाउस (राष्ट्रपति) के फैसले पर सहमति जताई है।

असरदार कदमों की मांग कर रहे डेमोक्रेट

दूसरी ओर, डेमोक्रेट पार्टी के नेता इस मुद्दे पर अधिक कड़े और असरदार कदमों की मांग कर रहे हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को अमेरिकी संसद के निम्न सदन प्रतिनिधि सभा में एआई पर चर्चा के लिए उनकी निजी बैठक हुई। इस साल चुनावी मैदान में उतरे जॉर्जिया के सेनेटर जॉन ओसॉफ जैसे प्रमुख उम्मीदवार वाशिंगटन से सख्त और व्यापक नीतिगत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

'बेहद स्पष्ट और ठोस योजना' तैयार करें

वहीं, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा व्हाइट हाउस की दौड़ में शामिल होने के इच्छुक नेताओं को सलाह दे रहे हैं कि वे एआई से जुड़ी चिंताओं से निपटने के लिए एक 'बेहद स्पष्ट और ठोस योजना' तैयार करें। विरोधाभासी प्रतिक्रियाएं उस गहरी खाई को उजागर करती हैं, जो इंसानी वजूद पर एआई के संभावित खतरों को लेकर चेतावनी दे रहे प्रौद्योगिकी क्षेत्र और अत्यधिक दलीय खींचतान व चुनावी साल के दबाव में बुनियादी काम करने के लिए भी संघर्ष कर रही संघीय सरकार के बीच तेजी से चौड़ी हो रही है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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