स्पोर्ट्स

Asian Games: टॉप 5 भारतीय एथलीट जो 2026 एशियन गेम्स में अपने डेब्यू पर मचा सकते हैं धूम

एशियन गेम्स के मंच ने भारतीय एथलीटों की पहचान बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इसमें कोई शक नहीं कि इस बार भी ऐसा ही होगा। क्योंकि मेडल जीतने की उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा हैं। कुछ युवा डेब्यूटेंट खिलाड़ियों के पास महाद्वीपीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर 2028 ओलंपिक का टिकट हासिल करने का मौका है। आइए ऐसे पांच एथलीटों के बारे में जानते हैं जिन पर एशियन गेम्स में उनके डेब्यू पर सभी की निगाहें रहेंगी।

Image

एशियन गेम्स, 2026 में भारतीय चुनौती। फोटो- सोनी स्पोर्ट्स

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में बेहतरीन खिलाड़ी एक्शन में दिखेंगे। पीवी सिंधु, हरमनप्रीत सिंह, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी, मीराबाई चानू, तेजिंदरपाल सिंह तूर जैसे कई भारतीय स्टार खिलाड़ी अपने-अपने खेलों में अपना दमखम दिखाएंगे। हालांकि, भारत के 499 खिलाड़ियों के दल में शामिल कुछ खिलाड़ियों के लिए यह उनके करियर की एक बड़ी शुरुआत होगी।

एशियन गेम्स के मंच ने भारतीय एथलीटों की पहचान बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इसमें कोई शक नहीं कि इस बार भी ऐसा ही होगा। क्योंकि मेडल जीतने की उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा हैं। कुछ युवा डेब्यूटेंट खिलाड़ियों के पास महाद्वीपीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर 2028 ओलंपिक का टिकट हासिल करने का मौका है। आइए ऐसे पांच एथलीटों के बारे में जानते हैं जिन पर एशियन गेम्स में उनके डेब्यू पर सभी की निगाहें रहेंगी।

आयुष शेट्टी (बैडमिंटन)

21 साल के आयुष दुनिया के सबसे युवा बैडमिंटन टैलेंट में से एक हैं। उनमें बड़े नामों और बड़े मैचों के दौरान अपने खेल को बेहतर करने की काबिलियत है। थॉमस कप में ब्रॉन्ज मेडल और एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल के साथ एक ऐसा रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया है जो उन्हें एक दशक बाद दिग्गजों की श्रेणी में खड़ा कर सकता है।

हाल ही में हुई BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में, आयुष ने उस समय के वर्ल्ड नंबर वन और डिफेंडिंग चैंपियन शी युकी को चौंका दिया था। एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने के लिए, उन्होंने सेमीफाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन और उस समय के वर्ल्ड नंबर वन कुनलावुत वितिदसर्न को और क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर चार जोनाथन क्रिस्टी को हराया था। उनकी बड़े खिलाड़ियों को हराने की काबिलियत भारत को एशियन गेम्स में अपना दूसरा गोल्ड मेडल और मेंस का पहला गोल्ड मेडल दिलाने में मदद कर सकती है।

रोहित यादव (जैवलिन थ्रो)

जैवलिन थ्रो धीरे-धीरे एक ऐसा खेल बनता जा रहा है जिसमें नीरज, पाकिस्तान के अरशद नदीम और श्रीलंका के रुमेश पथिराज जैसे एशियाई खिलाड़ी ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बना रहे हैं। ऐसे में नीरज की जगह लेने की बड़ी जिम्मेदारी रोहित पर है। नीरज चोपड़ा की गैर-मौजूदगी में 25 साल के इस जैवलिन थ्रोअर को एशियन गेम्स में अपने डेब्यू पर एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। रोहित ने इस सीजन में 87 मीटर के दो शानदार थ्रो किए हैं। उनका सबसे अच्छा थ्रो अगस्त में भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में आया, जहां 87.68 मीटर के थ्रो के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता।

सुजीत कलकल (रेसलिंग)

हरियाणा के इस 23 वर्षीय फ्रीस्टाइल रेसलर को रेसलिंग के अगले स्टार के रूप में देखा जा रहा है। इस साल बिश्केक में एशियन चैंपियनशिप में 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल और पिछले साल अंडर-23 में गोल्ड व 2022 में अंडर-20 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर उन्होंने अपनी पहचान बना ली है। एशियन गेम्स में मेडल जीतना उनके सफल करियर के लिए एक बेहतरीन शुरुआत हो सकती है।

साक्षी चौधरी (बॉक्सिंग)

हाल ही में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए बॉक्सिंग में गोल्ड की बारिश हुई। जहां भारतीय दल ने सात गोल्ड समेत कुल 10 मेडल जीतकर रिकॉर्ड बनाया। इनमें साक्षी चौधरी भी शामिल थीं, जिन्होंने महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। 54 किग्रा वर्ग में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप गोल्ड मेडलिस्ट और 2021 में एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडलिस्ट रहीं 26 वर्षीय साक्षी का लक्ष्य एक और बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में गोल्ड मेडल जीतना होगा।

सुरची फोगाट (शूटिंग)

20 साल की उम्र में ही सुरची ने अपनी पहचान बना ली है। उन्होंने पांच ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल, पिछले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम सिल्वर और वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीता है। 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर के करियर का एक अहम पल पिछले साल आया, जब उन्होंने ISSF वर्ल्ड कप लीमा में ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर को हराकर गोल्ड मेडल जीता। दुनिया की कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों के खिलाफ पहले ही अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकीं सुरुचि, निश्चित रूप से पहली बार हिस्सा लेने वाली खिलाड़ियों में मेडल की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक होंगी।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

    और पढ़ें
    End of Article