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किसान का बेटा, सेना ने बदली किस्मत... जानिए कौन हैं कॉमनवेल्थ गेम्स में 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर जीतकर इतिहास रचने वाले गुलवीर सिंह

All You Need To Know About Gulveer Singh: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ी हर दिन पदकों की झड़ी लगा रहे हैं, इसी बीच मंगलवार को ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में तब नया रिकॉर्ड बन गया जब भारत के गुलवीर सिंह ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा। भारत को पहली बार ऐसी सफलता दिलाने वाले एथलीट गुलवीर कौन हैं, यहां जानिए उनके बारे में सब कुछ।

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कौन हैं कॉमनवेल्थ गेम्स में इतिहास रचने वाले गुलवीर सिंह (AI Generated Image)

Who Is Gulveer Singh: ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने नया इतिहास रच दिया। गुलवीर ने 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में बारिश से भीगे ट्रैक पर हालात आसान नहीं थे, लेकिन गुलवीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर जगह बनाई। उन्होंने 27:49.78 सेकंड का समय लेकर सिल्वर मेडल जीता; वे ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने से बहुत कम अंतर से चूक गए, जिसे ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27:48.93 सेकंड में दौड़ पूरी करके हासिल किया।

गुलवीर सिंह के बारे में

भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह का जन्म 1 जून 1998 को अलीगढ़ ज़िले के सिरसा गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उनके गांव में सेना में सेवा करने की मज़बूत परंपरा थी और दूसरे कई बच्चों की तरह उनका भी सपना भारतीय सेना की वर्दी पहनने का था। उनका यह सपना 2018 में तब सच हुआ, जब वे स्पोर्ट्स कोटे से भारतीय सेना में शामिल हुए। शुरुआत में वे ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में तैनात थे और बाद में उन्हें जूनियर कमीशंड ऑफ़िसर के पद पर प्रमोट किया गया। सेना में शामिल होना गुलवीर की ज़िंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ और यहीं से उन्हें कॉम्पिटिटिव रनिंग (प्रतियोगिता वाली दौड़) के बारे में पता चला।

गुलवीर ने इस बारे में बताया, "आर्मी में शामिल होने के बाद ही मुझे असल में कॉम्पिटिटिव रनिंग के बारे में पता चला। मुझे आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में शामिल किया गया और बाद में मैं स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) के नेशनल कैंप से जुड़ा। धीरे-धीरे, मैंने इस खेल और इससे जुड़े लोगों के बारे में और जाना," गुलवीर ने 'इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ़ स्पोर्ट' के साथ एक इंटरव्यू में बताया।

फौजी ज़िंदगी मुश्किल थी, लेकिन उन्होंने इस चुनौती का बखूबी सामना किया। एथलेटिक्स की ट्रेनिंग के साथ-साथ, उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में पेट्रोलिंग और सुरक्षा की ज़िम्मेदारियाँ भी निभाईं। मुश्किल इलाक़े और ऊंचाई ने उनकी सहनशक्ति को काफ़ी बढ़ाया, जिससे वे शारीरिक रूप से और मज़बूत बने।

गुलवीर का करियर और आंकड़े

गुलवीर के करियर में बड़ा मोड़ 2022 में आया, जब उन्होंने फेडरेशन कप में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। यह चार साल की प्रतिस्पर्धी रनिंग के बाद उनका पहला सीनियर मेडल था। तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने एशियन गेम्स 2023 में 10,000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता; इससे पहले उसी साल बैंकॉक में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था।

अमेरिकी कोच ने दी उड़ान, तोड़ा पुराने कोच का रिकॉर्ड

साल 2024 में, गुलवीर ने अपनी ट्रेनिंग के लिए अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में ज़्यादा ऊंचाई वाले एक सेंटर का रुख किया, जहां उन्होंने अमेरिकी कोच स्कॉट सिमंस के अंडर ट्रेनिंग ली। यह कदम उनके विकास के लिए बहुत अहम साबित हुआ और वह एशिया के बेहतरीन लॉन्ग-डिस्टेंस रनर्स में से एक बनकर उभरे। उन्होंने बार-बार 3000 मीटर, 5000 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ में कई रिकॉर्ड तोड़े। उसी साल, कैलिफ़ोर्निया में 'द टेन' (The TEN) इवेंट में 27:41.81 का समय निकालकर उन्होंने अपने पुराने कोच सुरेंद्र सिंह का 16 साल पुराना भारतीय पुरुषों का 10,000 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ा। नवंबर में, उन्होंने 10,000 मीटर दौड़ में 27:14.88 का समय निकालकर अपना पर्सनल बेस्ट रिकॉर्ड तोड़ा और एशियन ऑल-टाइम लिस्ट में आठवें स्थान पर पहुंच गए।

2025 में 'द टेन' इवेंट में उन्होंने अपने प्रदर्शन को और बेहतर किया; उन्होंने 27:00.22 का समय निकालकर अपना पर्सनल बेस्ट रिकॉर्ड तोड़ा और एशियन ऑल-टाइम 10,000 मीटर लिस्ट में तीसरे स्थान पर पहुँच गए। लगातार बेहतर होते प्रदर्शन का नतीजा आखिरकार कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मिला, जहां गुलवीर ने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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