Vishwakarma Puja Pujan Samagri, विश्वकर्मा पूजा सामग्री: हिंदू पंचांग के अनुसार कन्या संक्रांति के दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने की परंपरा है। यह दिन खास तौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जिनका काम मशीन, औजार, निर्माण, शिल्प या किसी तरह के तकनीकी काम से जुड़ा है। आज 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती है, इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा विधिवत तरीके से करने के लिए पूजन सामग्री पढ़ें।
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पूजा के लिए घर में मौजूद कई सामान्य पूजा सामग्री से भी विधिवत पूजा की तैयारी की जा सकती है। भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा के साथ रोली, अक्षत, फूल, फल, मिठाई, दीपक, धूप और कलावा जैसी चीजें रखी जाती हैं। इसके अलावा जिस औजार, मशीन या उपकरण से रोजी-रोटी जुड़ी है, उसे भी साफ करके पूजा में शामिल किया जाता है। आइए जानते हैं विश्वकर्मा पूजा की आसान और उपयोगी सामग्री सूची।
विश्वकर्मा पूजा की मुख्य सामग्री
पूजा की तैयारी करते समय सामग्री को एक जगह इकट्ठा कर लेना सबसे सुविधाजनक रहता है। आप अपनी जरूरत के अनुसार यह सामान्य सूची तैयार कर सकते हैं।
भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा
साफ चौकी या पूजा का स्थान
पीला या लाल कपड़ा
रोली या कुमकुम
अक्षत यानी साबुत चावल
हल्दी
फूल और फूलों की माला
पान और सुपारी
मौली या कलावा
धूप और अगरबत्ती
दीपक और घी या तेल
कपूर
जल से भरा कलश
आम के पत्ते या उपलब्ध पत्तियां
नारियल
मौसमी फल
मिठाई या घर में बना भोग
पंचामृत के लिए दूध, दही, घी, शहद और शक्कर
पूजा के लिए साफ जल
प्रसाद रखने की थाली
पूजा की थाली कैसे तैयार करें
सबसे पहले चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं। उस पर भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा रखें। आसपास फूलों से हल्की सजावट करें। एक तरफ दीपक और धूप रखें, जबकि दूसरी तरफ रोली, अक्षत, हल्दी, मौली और फूल जैसी सामग्री सजा सकते हैं। फल और मिठाई को भोग के लिए अलग थाली में रखें। कलश और नारियल भी पूजा स्थान पर रखा जा सकता है।
विश्वकर्मा पूजा 2026 मुहूर्त
विश्वकर्मा पूजा के लिए शुभ समय सुबह 7:58 बजे से शुरू होगा, क्योंकि इसी समय कन्या संक्रांति का क्षण पड़ रहा है। इसके अलावा सुबह 10:43 बजे से दोपहर 1:48 बजे तक भी पूजा करना शुभ माना जा सकता है।विधि विधान के साथ पूजन थाली तैयार कर आप आज विश्वकर्मा जयंती पर भगनवान विश्वकर्मा की पूजा कर सकते हैं।
