इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने भारतीय जिमनास्ट दीपा करमाकर को 10 जुलाई, 2023 तक प्रतिबंधित पदार्थ के उपयोग के लिए निलंबन की पुष्टि कर दी है। रियो ओलिंपिक 2016 में चौथा स्थान प्राप्त कर देश का नाम रोशन करने वाली दीपा को हाइजेमिन ड्रग के इस्तेमाल का दोषी पाया गया है।
हालांकि, दीपा को 3 महीने की छूट भी मिली है, जिसका परिणाम है कि वह जुलाई 2023 में दोबारा वापसी कर सकेंगी।
दीपा ने दी पहली प्रतिक्रिया
दीपा ने ट्वीट कर इस खबर पर खुशी जताई है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा है कि मेरे करियर की सबसे लंबी लड़ाई का अंत हो गया है, और मैं जुलाई में वापसी को लेकर बेहद खुश हूं। इतना ही नहीं उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देकर लिखा 'कई मीडिया रिपोर्ट्स में उनके निलंबन को लेकर गलत जानकारी साझा की गई। मुझे नहीं पता कि प्रतिबंधित पदार्थ मेरी बॉडी में कैसे आया? मैं कभी भी ऐसा कुछ नहीं करूंगी जिससे मेरे देश का मान कम हो।ओलिंपिक में पहली भारतीय जिमनास्ट हैं।
त्रिपुरा की इस लड़की ने रियो ओलंपिक 2016 में महिलाओं के वॉल्ट फाइनल में चौथा स्थान हासिल करके इतिहास रच दिया था। वह 15.066 अंक के स्कोर के साथ स्विट्जरलैंड की कांस्य पदक विजेता गिउलिया स्टिंगरबर से केवल 0.150 कम के साथ कांस्य पदक से चूक गई।इसके अलावा करमाकर के प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने ग्लासगो में 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता, खेलों के इतिहास में ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला जिमनास्ट थी। उसने एशियन जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में कांस्य जीता और 2015 वर्ल्ड आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में पांचवां स्थान हासिल किया।
