स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जापान ने अपने दमदार खेल से फैंस को एक यादगार मैच दिया। जापान ने नीदरलैंड्स के साथ एक रोमांचक मुकाबले में ड्रॉ खेला। आखिरी समय में जापान के दाइची कामाडा ने हेडर गोल करके हार की कगार पर खड़ी टीम को बराबरी पर ला खड़ा किया। अगर जापान की टीम राउंड ऑफ 16 में पहुंचती है तो यह गोल जापान में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
आर्लिंगटन एंड टैक्सेस स्टेडियम में भारी संख्या में मौजूद दर्शकों के बीच पहला हाफ बिना किसी गोल के गुजरा। हालांकि, 50वें मिनट में नीदरलैंड्स के कप्तान वैन डाइक ने पेनल्टी एरिया के अंदर से हेडर गोल करके टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। यह वैन का 13वां इंटरनेशनल गोल था। साथ ही 34 साल 341 दिन की उम्र में गोल करने वाले वैन डाइक, वर्ल्ड कप में गोल करने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज़ डच खिलाड़ी बने। उनसे आगे जियोवानी वैन ब्रोंकहोर्स्ट हैं, जिन्होंने 2010 में उरुग्वे के खिलाफ 35 साल 151 दिन की उम्र में गोल किया था।
दाइची कामाडा का ऐतिहासिक हेडर गोल
हालांकि, डच टीम इस बढ़त को ज्यादा देर तक बनाए नहीं रखी सकी। 57वें मिनट में जापान के रयान ग्रेवेनबर्ग ने गोल दागा और जापान को बराबरी पर खड़ा किया। मैच रोमांचक हो चला था। तभी 64वें मिनट में डच टीम के लिए क्रिसेनशियो समरविले ने गोल दाग कर नीदरलैंड्स को फिर से बढ़त दिलाई। जापान हार की कगार पर खड़ी थी। मैच का समय धीरे-धीरे समाप्त हो रहा था। तभी 88वें मिनट में ओगावा ने कॉर्नर किक ली और दाइचा कामाडा ने उस पर सही समय पर हेडर शॉट मारा। गेंद बार्ट वर्ब्रूगन की ओर जाते हुए थोड़ी मुड़ गई, उन्होंने डाइव लगाकर गेंद को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह उसे गोल में जाने से नहीं रोक पाए और जापान ने मैच में बराबरी कर ली
वहीं, डच टीम ने ग्रुप स्टेज में अपने अजेय रहने के सिलसिले को 17 मैचों तक बढ़ा लिया। एलिमिनेशन राउंड से पहले डच टीम को पिछली हार 1994 में अमेरिका में हुए वर्ल्ड कप के दौरान मिली थी, जब ग्रुप स्टेज में हार के बाद उन्हें डलास के कॉटन बाउल में ब्राज़ील के हाथों क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। नीदरलैंड्स पर हमेशा एलिमिनेशन राउंड में पहुंचने का दबाव रहता है, क्योंकि यह एकमात्र ऐसा देश है जो वर्ल्ड कप जीते बिना तीन बार फाइनल में पहुंचा है। डच टीम ने 2010 में वर्ल्ड कप में जापान के खिलाफ हुए अपने एकमात्र पिछले मुकाबले में जीत हासिल की थी।
आइवरी कोस्ट ने इक्वाडोर को 1-0 से रोमांचक मात दी
वहीं, सोमवार (IST) को फिलाडेल्फिया स्टेडियम में खेले गए FIFA वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप E के रोमांचक मुकाबले में मैनचेस्टर यूनाइटेड के विंगर अमाद डियालो के 90वें मिनट में किए गए गोल की मदद से आइवरी कोस्ट ने इक्वाडोर को 1-0 से हराया।
मैच बिना किसी गोल के ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था। तभी सब्स्टीट्यूट के तौर पर आए अमाद ने एक शानदार शॉट लगाकर अपनी टीम को 2014 के बाद पहली वर्ल्ड कप जीत दिलाई। इस जीत के साथ आइवरी कोस्ट ग्रुप E में जर्मनी के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया। जर्मनी ने रविवार को कुराकाओ को 7-1 से हराया था। खास बात यह है कि 19 साल और 212 दिन की उम्र में यान डियोमांडे आइवरी कोस्ट के लिए FIFA वर्ल्ड कप मैच में खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।
