मुंबई: खराब फॉर्म की वजह से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अंतिम दो टेस्ट के लिए भारतीय प्लेइंग-11 से केएल राहुल को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। ऐसे में रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के पहले वनडे में पारिवारिक कारणों से बाहर जाने के बाद केएल राहुल को वनडे टीम की प्लेइंग इलेवन में मुंबई में कंगारुओं के खिलाफ शामिल होने का मौका मिला। ऐसे में राहुल वानखेड़े स्टेडियम में टीम इंडिया के लिए संकटमोचक बनकर उभरे और टीम को 39.5 ओवर में 5 विकेट शेष रहते जीत की दहलीज पार करा दी। उनकी पारी को देखकर आलोचक भी उनकी सराहना करने लगे।
राहुल ने खेली शानदार पारी
केएल राहुल को बार-बार टीम में मौका दिए जाने और उनके चयन को पक्षपात पूर्ण बताने वाले टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने भी राहुल की मुंबई में खेली मैच जिताऊ पारी की जमकर तारीफ करते हुए ट्वीट किया,बेहतरीन पारी! केएल राहुल ने दबाव में शानदार पारी खेली। भारत की जीत में रवींद्र जडेजा ने भी अच्छा साथ दिया।
16/3 के स्कोर पर राहुल ने संभाला था मोर्चा
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 189 रन के विजयी लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने महज 16 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। ईशान किशन, विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव पवेलियन वापस लौट चुके थे। ऐसी मुश्किल स्थिति में राहुल ने एक छोर संभाला। लेकिन जल्दी ही शुभमन गिल भी आउट हो गए। 39 रन पर 4 विकेट गंवाने के बाद भारतीय टीम के ऊपर हार का साया मंडराने लगा था। ऐसे में राहुल ने हार्दिक पांड्या के साथ पांचवें विकेट के लिए अर्धशतकीय और छठे विकेट के लिए रवींद्र जडेजा के साथ शतकीय साझेदारी करके टीम इंडिया को जीत दिला दी।
76 रन बनाकर रहे नाबाद, जडेजा के साथ की शतकीय साझेदारी
केएल राहुल अंत में 91 गेंद में 76 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने 73 गेंद में 5 चौकों की मदद से अपना अर्धशतक पूरा किया। अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान राहुल ने 7 चौके और एक छक्का जड़ा। राहुल ने कप्तान हार्दिक पांड्या के साथ 55 गेंद में 44 रन जोड़े। वहीं रवींद्र जडेजा के साथ 123 गेंद में नाबाद 108 रन की साझेदारी करके टीम को पांच विकेट से जीत दिलाकर सीरीज में 1-0 की बढ़त दिला दी।
