भारत ने बॉक्सिंग में अपना छठा मेडल जीत लिया है। 80 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में भारत के अंकुश पंघाल ने कोरिया के किन मिएनसांग को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। एशियन गेम्स में यह अंकुश का पहला गोल्ड मेडल है। 2018 के बाद मेंस बॉक्सिंग में यह भारत का पहला गोल्ड है। इससे पहले साल 2018 में अमित पंघाल ने गोल्ड मेडल जीता था। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी अंकुश ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। उन्होंने फ़ाइनल में शानदार वापसी करते हुए 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था। इस भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल उज्बेकिस्तान के अरकीनेवबोएब फजलीदीन और जॉर्डन के आयशिश हुसैन ने जीता। इस गोल्ड मेडल ने भारत को मेडल टैली में 5वें पायदान पर पहुंचा दिया है।
बॉक्सिंग में भारत का छठा मेडल
यह बॉक्सिंग में भारत को छठा और तीसरा गोल्ड मेडल है। अंकुश से पहले लवलीना बोरगोहेन और परवीन ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। लवलीना ने 75 किलोग्राम भारवर्ग में जबकि परवीन ने 65 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। गोल्ड के मामले में यह एशियन गेम्स में भारत का अब तक का बेस्ट प्रदर्शन है। इस तरह भारत ने तीन गोल्ड सहित छह पदक जीतकर एशियाई खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इन तीनों के अलावा प्रिया घंघास (60 कि.ग्रा.), कपिल पोखरिया (90 कि.ग्रा.) और नरेंद्र बेरवाल (+90 कि.ग्रा.) ने कांस्य पदक जीते। देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ग्वांगझू 2010 संस्करण में रहा था, जहां दल ने नौ पदक जीते थे, लेकिन वहां केवल दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य भारतीय बॉक्सिंग टीम ने जीते थे।
एशियन गेम्स में खबर लिखे जाने तक भारत के मेडल
भारत ने अब तक 75 मेडल जीते हैं (15 गोल्ड, 25 सिल्वर, 35 ब्रॉन्ज), मेडल तालिका में इस समय भारत 5वें पायदान पर है।
