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श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का मारना वैभव सूर्यवंशी को पड़ सकता है भारी, जानें क्या है ICC का नियम

श्रीलंका ए और भारत ए के बीच हुए सुपर ओवर के बाद माहौल गरम हो गया था। श्रीलंकाई खिलाड़ियों को वैभव सूर्यवंशी के साथ भिड़ते देखा गया। इस पर वैभव सूर्यवंशी ने एक खिलाड़ी को धक्का मार दिया। इस विवाद के चलते जेंटलमैन गेम की साख को धक्का लगा है।

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वैभव सूर्यवंशी का श्रीलंकाई खिलाड़ी के साथ झगड़ा। फोटो- स्क्रीन ग्रैब

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। यूं तो वैभव सूर्यवंशी बेहद शांत, संस्कारी और सौम्य स्वभाव के हैं। ये हम सबने अब तक देखा, लेकिन श्रीलंका-ए के खिलाफ सोमवार, 15 जून को हुए मुकाबले के बाद जिस तरह से वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर बर्ताव किया, उससे क्रिकेट की साख को धक्का जरूर लगा। मैदान पर स्लेजिंग आम बात हैं, लेकिन उन्हें श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का देते हुए देखा गया। वैभव की इस हरकत से अब सवाल उठने लगा है।

श्रीलंका ए ने सुपर ओवर में इंडिया-ए को हरा दिया। मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच बहस हो गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मैच के बाद विशेन हलंबागे ने ताली बजाते हुए वैभव और सूर्यांश पर टिप्पणी की। साथ ही उनमें से एक खिलाड़ी सूर्यांश की तरफ बढ़ रहा था और एक और फील्डर उनसे लगभग टकरा ही गया था। इसके बाद वैभव ने विशेन को अपने हाथ से धक्का दिया और फिर निरोशन डिकवेला और कप्तान सहन ने तुरंत बीच-बचाव किया और मामले को शांत करवाया।

क्या है आईसीसी का नियम?

अब सवाल ये है कि वैभव ने जिस तरह से विशेन को धक्का दिया क्या उसके बाद उन्हें आईसीसी की तरफ से सिर्फ चेतावनी मिलती है या फिर किसी तरह की सजा सुनाई जाती है। आइए जानते हैं इस तरह की स्थिति के लिए आईसीसी के नियम क्या हैं। आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.12 के मुताबिक किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

दोषी खिलाड़ी पर लगता है जुर्माना और दिए जाते हैं डिमेरिट अंक

आईसीसी के मुताबिक क्रिकेट में किसी भी तरह का अनुचित शारीरिक संपर्क बैन है। यदि कोई खिलाड़ी जानबूझकर या फिर लापरवाही से भी किसी अन्य खिलाड़ी या अंपायर से टकराता है, कंधा मारता है या शारीरिक संपर्क करता है, तो उसे दोषी माना जा सकता है। ऐसे में खिलाड़ी को चेतावनी, जुर्माना या फिर डिमेरिट अंक दिया जा सकता है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि वैभव को किस तरह की सजा मिलती है।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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