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अश्विन ने संजय मांजरेकर को लेकर दिया खास बयान, उन्होंने मेरी आलोचना की, तो मैंने उससे सबक सीखा

Ravichandran Ashwin On Sanjay Manjrekar: एक तरफ जहां मुरली कार्तिक और संजय मांजरेकर के बीच लाइव टीवी पर तीखी बहस चर्चा में है। वहीं, दूसरी तरफ पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने संजय मांजरेकर की तारीफ करते हुए कहा है कि उनकी आलोचना मेरे काम आई थी।

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अश्विन ने संजय मांजरेकर की तारीफ की

Photo : PTI

किसी भी तरह की आलोचना पर गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन रविचंद्रन अश्विन ने संजय मांजरेकर की उनकी गेंदबाजी को लेकर की गई कड़ी टिप्पणियों को सकारात्मक रूप से लिया और उनसे सीख लेकर अपने खेल में सुधार किया। क्रिकेट पर अपनी तीखी टिप्पणियों के लिए मशहूर पूर्व भारतीय बल्लेबाज मांजरेकर ने अपने एक कॉलम में अश्विन के प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने यह आलोचना तब की थी जब अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया में 2011-12 में खेली गई श्रृंखला के तीन टेस्ट मैचों में बेहद खराब औसत (62 रन प्रति विकेट) से सिर्फ नौ विकेट लिए थे। भारत वह श्रृंखला 0-4 से हार गया था।

अश्विन ने ’जियो हॉटस्टार’ से कहा, "ऑस्ट्रेलिया के मेरे पहले दौरे के बाद संजय मांजरेकर ने एक लंबा कॉलम लिखा। जब मैं स्वदेश लौट रहा था तो मैंने पूरा कॉलम पढ़ा और उसे पढ़कर मुझे बहुत गुस्सा आया। मुझे सच में बुरा लगा। गुस्सा तो बस स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी, लेकिन मुझे बहुत बुरा लगा। लेकिन उसके बाद मैं फ्लाइट में सो गया और उस बात को भुला दिया। तब मैं संजय से ज्यादा बात नहीं करता था।" लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि मांजरेकर के विश्लेषण को सही भावना से लेना चाहिए और वह अपनी गेंदबाजी और फिटनेस पर काम कर सकते हैं।

अश्विन ने कहा, "घर लौटने के बाद मैंने अगले चार साल तक बहुत मेहनत की। मैं कोई प्रतिभाशाली खिलाड़ी नहीं था। मैंने बहुत मेहनत की। संजय ने 2015 में एक और लेख लिखा जिसमें कहा गया कि मैं अब बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं और वह चाहते हैं कि मैं इसी तरह प्रदर्शन करता रहूं।"

उन्होंने कहा, "फिर मैंने उनका नंबर मांगा और उन्हें मैसेज किया कि ’मुझे उस समय बुरा लगा था, लेकिन आपके कॉलम ने मेरे लिए गुरु का काम किया।’ उसने मेरी जिंदगी बदल दी, क्योंकि उनकी बातों में दम था। इसलिए अगर कभी मेरी आलोचना होती है, तो मैं बस यही सोचता हूं कि क्या मुझे उससे कुछ सीखने को मिल सकता है। अगर मुझे लगता है कि उससे कुछ सीखा जा सकता है, तो मैं उसे आत्मसात कर लेता हूं।"

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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