वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले 37 साल के विराट कोहली को अब कुछ भी साबित करना नहीं रह गया। जगजाहिर है कि वह इस फॉर्मेट में वर्ल्ड के बेस्ट बल्लेबाज हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पिछले कुछ समय में खुद को बदला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में जब किंग ने शतकीय पारी खेलकर इस फॉर्मेट में 15,000 रन पूरे किए तो वह ऐसा करने वाले सचिन के बाद दूसरे बल्लेबाज बने। मैच के बाद कोहली ने कहा कि वह करियर के इस फेज में खुद को अपग्रेड कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया दौरे ने बदली सूरत
अक्टूबर 2025 में जब टीम इंडिया, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई तो शुरुआती दो मुकाबलों में विराट खाता भी नहीं खोल पाए। पहले वनडे में वह 8 गेंद खेलकर तो दूसरे वनडे में 4 गेंद खेलकर आउट हो गए। उनके वनडे करियर में पहली बार ऐसा हुआ जब वह लगातार दो पारियों में बिना खाता खोले आउट हो गए। उसके बाद सब-कुछ बदल गया। इसके बाद ना केवल विराट बदले बल्कि उनके खेलने का स्टाइल भी बदला।
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वनडे में विराट का 3.O अवतार
उन दो पारियों की असफलता के बाद विराट ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। सिडनी में खेले गए तीसरे वनडे में उन्होंने 74 रन की नाबाद पारी खेली। तब से लेकर अब तक विराट ने 103.13 की औसत और 116.86 की स्ट्राइक रेट से 825 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 4 शतक और 4 अर्धशतक जड़े। उनका यह स्ट्राइक रेट उनके पूरे वनडे करियर में सर्वाधिक है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में उन्होंने 157.95 की स्ट्राइक रेट से केवल 88 गेंद में 139 रन की नाबाद पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और 9 छक्के जड़े। ऐसा पहली बार हुआ जब विराट ने वनडे की अपनी एक पारी में 9 छक्के जड़े।
स्पिन-पेस दोनों के खिलाफ चमके विराट
विराट कोहली ने नवंबर 2025 से जो बल्लेबाजी की है, उस दौरान उन्होंने स्पिन और पेस के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की। पेस के खिलाफ उन्होंने 123.54 की स्ट्राइक रेट से जबकि स्पिन के खिलाफ 109.87 की स्ट्राइक से बैटिंग की है।
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प्रति बॉल बाउंड्री में भी आया बदलाव
इस दौरान उनके बाउंड्री लगाने की रफ्तान बढ़ी है। 2021-22 के दौरान कोहली 10.2 गेंदों पर एक चौका लगाते थे जो पिछले 11 महीनों में घटकर हर 7.3 गेंद हो गया है। छक्के लगाने के मामले में तो और भी बड़ा बदलाव आया है। 2021-22 में हर 173.5 गेंदों पर एक सिक्स, 2023-25 में हर 133.5 गेंदों पर एक सिक्स लेकिन नवंबर 2025 से कोहली हर 25 गेंद पर एक सिक्स जड़ देते हैं।
इसके लिए कोहली ने क्या बदला
अगर आप कोहली की मौजूदा तकनीक को देखेंगे तो इसमें कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने बस अपनी सोच में बदलाव लाया है। बस वह अब आक्रामक तरीके से खेलने की इच्छा के साथ आते हैं। पहले उन्हें तीनों फॉर्मेट के लिए खुद को तैयार रखना पड़ता था, लेकिन जब से वह वनडे फॉर्मेट में सीमित हुए हैं आईपीएल का प्रभाव उनके खेल पर सीधे तौर पर पड़ा है।
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2027 वर्ल्ड कप में होगा फायदा
वनडे वर्ल्ड कप 2027 साउथ अफ्रीका में होगा, ऐसे में कोहली का यह अवतार निश्चित तौर पर भारतीय टीम के लिए फायदेमंद होगा। वहां उन्हें भारत की तरह सपाट पिचें नहीं मिलेंगी, इसके बावजूद संतुलित गेंदबाजी आक्रमणों और अधिक प्रतिक्रियाशील पिचों के सामने, अच्छी लेंथ पर आक्रमण करने, पिच पर आगे बढ़कर खेलने और जल्दी रन बनाने की उनकी क्षमता गिल एंड कंपनी के लिए मूल्यवान हो सकती है।
