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चित्रकोट वाटरफॉल किस नदी पर बना है? जानें क्यों कहलाता है 'भारत का नियाग्रा'

Niagara Falls of India: अगर भारत के खूबसूरत जलप्रपातों की बात हो तो छत्तीसगढ़ के बस्तर में मौजूद चित्रकोट वाटरफॉल का नाम जरूर आता है। यह जलप्रपात इंद्रावती नदी पर बना है। जानें इससे जुड़े सामान्य ज्ञान के बारे में

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चित्रकोट वाटरफॉल (Image- AI Generated/Newsroom Verified)

Niagara Falls of India:: अगर भारत के खूबसूरत जलप्रपातों की बात हो तो छत्तीसगढ़ के बस्तर में मौजूद चित्रकोट वाटरफॉल का नाम जरूर आता है। यह जलप्रपात इंद्रावती नदी पर बना है और बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रमुख हिस्सा माना जाता है। जिला प्रशासन के अनुसार, चित्रकोट जलप्रपात की ऊंचाई करीब 90 फीट है। यह जगदलपुर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

चित्रकोट वाटरफॉल को Niagara Falls of India क्यों कहते हैं?

चित्रकोट को ‘भारत का नियाग्रा’ या ‘Niagara Falls of India’ कहने की सबसे बड़ी वजह इसका घोड़े की नाल जैसा आकार है। इसकी चौड़ी आकृति और तेज बहाव इसे देखने में काफी हद तक दुनिया के प्रसिद्ध Niagara Falls की याद दिलाते हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड भी इसे भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात बताता है।

चित्रकोट वाटरफॉल की चौड़ाई कितनी है?

चित्रकोट की चौड़ाई मौसम और पानी के बहाव के साथ बदलती है। मानसून के दौरान इसका फैलाव करीब 300 मीटर तक पहुंच सकता है। इसी वजह से तेज बारिश के समय इसका रूप बेहद विशाल और शानदार दिखाई देता है। यहां अलग-अलग मौसमों में गिरने वाली पानी की धाराओं की संख्या भी बदल सकती है। बस्तर जिला प्रशासन के अनुसार, अलग-अलग समय पर यहां कम से कम तीन और अधिकतम सात धाराएं दिखाई दे सकती हैं।

बारिश में बदल जाता है पूरा नजारा

चित्रकोट जलप्रपात को देखने के लिए जुलाई से अक्टूबर का समय खास माना जाता है। बारिश के दिनों में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण झरना बेहद तेज बहता है और इसकी आवाज दूर तक सुनाई देती है। बस्तर के घने जंगल और आसपास की पहाड़ियां इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देती हैं। जिला प्रशासन के अनुसार बारिश में पानी लालिमा लिए दिखाई दे सकता है, जबकि गर्मियों की चांदनी रात में यह सफेद चमकता नजर आता है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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