क्रिकेट

FIFA World Cup Facts: एक शख्स को फीफा ने दी थी वर्ल्ड कप ट्रॉफी, जानिए रोचक किस्सा

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति और अफ्रीका के महात्मा गांधी कहे जाने वाले नेल्सन मंडेला दुनिया के एक मात्र शख्स हैं जिन्हें फीफा ने फुटबॉल विश्व कप की ट्रॉफी की रेप्लिका आधिकारिक तौर पर दी गई थी। जानिए क्या है पूरा वाकया?

Image

फीफा विश्व कप ट्रॉफी (फोटो क्रेडिट FIFA X)

FIFA World Cup 2026: अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में फीफा विश्व कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई के बीच होने जा रहा है। फुटबॉल के 23वें विश्व कप में 48 टीमें भाग ले रही हैं। फीफा विश्व कप के इतिहास का यह सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा जिसकी मेजबानी तीन देश साझा रूप से कर रहे हैं और इसमें कुल 104 मैच खेले जाएंगे।

नेल्सन मंडेला को दी गई थी प्रतिक्रिति

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला को साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में आयोजित फुटबॉल विश्व कप से पहले फीफा ने विश्व कप ट्रॉफी की एक विशेष रेप्लिका (प्रतिकृति) भेंट की गई थी। साल 2008 में फीफा के तत्कालीन अध्यक्ष जोसेफ ब्लाटर ने मंडेला को उनके घर पर यह ट्रॉफी भेंट की थी। ये पहला मौका था जब फीफा ने किसी व्यक्ति को आधिकारिक रेप्लिका दी थी।

Nelson Mandela

नेल्सन मंडेला(फोटो क्रेडिट FIFA Facebook)

2010 के विश्व कप के आर्किटेक्ट थे मंडेला

फीफा ने नेल्सन मंडेला को ट्रॉफी की रेप्लिका साल 2010 में आयोजित फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका को दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए दिया गया था। अफ्रीकी महाद्वीप में पहली बार फुटबॉल विश्व कप का आयोजन हुआ था और मंडेला को इसका 'आर्किटेक्ट'माना गया। इसके लिए फीफा ने मंडेला का सम्मान विशिष्ट तरीके से ट्रॉफी की आधिकारिक प्रतिलिपि देकर किया। फुटबॉल विश्व कप के इतिहास में ऐसा पहली और आखिरी बार हुआ। फीफा की आधिकारिक रेप्लिका ब्रांज की बनी होती है और उसके ऊपर सोने की परत चढ़ी होती है। यही ट्रॉफी खिताब जीतने वाली टीम को विनर्स ट्रॉफी के रूप में दी जाती है।

मंडेला को मिला था असली ट्रॉफी उठाने का मौका

फीफा विश्व कप की ऑरिजनल ट्रॉफी ज्युरिख स्थित फीफा म्यूजियम में रखी है। इस ट्रॉफी को केवल चुनिंदा लोग विजेता टीम सदस्य और किसी भी देश का राष्ट्राध्यक्ष बगैर गल्वस के हाथ लगा सकते हैं। साल 2004 में जब दक्षिण अफ्रीका को विश्व कप का मेजबान चुना गया था तब नेल्सन मंडेला ने फीफा विश्व कप ट्रॉफी को ज्युरिख में अपने हाथ में उठाया था। उस वक्त वो दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के पद पर नहीं थे। 1999 में वो पद से हट चुके थे। इसके बाद विश्व कप के आगाज से ठीक पहले उन्हें नियमों से इतर फीफा विश्व कप की ट्रॉफी उठाने का मौका 2010 में भी मिला था।

कौन छू सकता है फीफा विश्व कप की असली ट्रॉफी

फीफा विश्व कप की असली ट्रॉफी को नंगे हाथों से छूने का अधिकार बहुत सीमित लोगों को है। नियमों के अनुसार केवल कुछ लोग ही इसे बिना दस्ताने के छू या उठा सकते हैं। जैसे विश्व कप विजेता खिलाड़ी, केवल वही खिलाड़ी जो वर्तमान या पूर्व में विश्व कप जीत चुके हैं। इसके अलावा विश्व कप विजेता टीमों के कोच/मैनेजर भी ट्रॉफी को छू सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्राध्यक्ष (हेड ऑफ द स्टेड) यानी विभिन्न देशों के प्रमुख राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भी इसे छू सकते हैं। इसके अलावा फीफा के अधिकारी जो ट्रॉफी की सुरक्षा और प्रबंधन का काम देखते हैं वो भी इसे ग्लव्स के छू सकते हैं।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article