मुंबई: भारत की मेजबानी में खेले जाने वाले आईसीसी विश्व कप 2023 के कार्यक्रम का मंगलवार को मुंबई में ऐलान हो गया। भारत चौथी बार वनडे फॉर्मेट के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। पहली बार भारत को अकेले आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। विश्व कप के कार्यक्रम के ऐलान के दौरान साल 2011 में खिताबी जीत हासिल करने वाली टीम इंडिया के सदस्य रहे नजफगढ़ के नवाब वीरेंद्र सहवाग ने 12 साल बाद कप्तान एमएस धोनी का विनिंग टोटका साझा किया है।
धोनी ने पूरे विश्व कप के दौरान खाई केवल खिचड़ी
सहवाग ने बताया, एमएस धोनी ने 2011 के विश्व कप के दौरान केवल खिचड़ी खाई थी। उन्होंने ऐसा अंधविश्वास की वजह से किया था जिससे कि टीम इंडिया की जीत की लय बनी रहे। सहवाग ने कहा, टूर्नामेंट के दौरान हम जहां जा रहे थे लोग कर रहे थे कि मेजबान देश ने कभी टूर्नामेंट नहीं जीता है। हर किसी का अपना अंधविश्वास था। धोनी ने इसी राह पर चलते हुए पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिचड़ी खाई। उनका कहना था कि अगर मैं रन नहीं बना पा रहा हूं तो भी टीम मेरे खिचड़ी खाने की वजह से जीत रही है।
उतार-चढ़ाव भरा रही वनडे विश्व कप की यात्रा
टीम इंडिया के पूर्व धाकड़ सलामी बल्लेबाज ने कहा, मैंने साल 1992 में आयोजित विश्व कप से क्रिकेट देखना शुरू किया था। उस दौरान मैं आठवीं क्लास में था। मैंने वो विश्व कप केवल सचिन तेंदुलकर को खेलता देखने के लिए देखा था। मुझे ऐसा लगता था कि अहर मुझे विश्व कप में खेलने का मौका मिले तो मुझे गर्व महसूस होगा और मैं देश को भी गौरान्वित करूंगा। मैंने अपने करियर में तीन विश्व कप खेले एक फाइनल में हार मिली, एक में खिताब जीते और एक में दूसरे दौर में पहुंचने में नाकाम रहे। विश्व कप की मेरी यात्रा उतार चढ़ाव भरी रही। साल 2003 और 2011 मेरे लिए सर्वश्रेष्ठ रहे।
