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धोनी चाहकर भी नहीं बन सकते टीम इंडिया के हेड कोच, जानें क्या है कारण

टी20 वर्ल्ड कप के बाद टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इससे पहले बीसीसीआई ने नए कोच के लिए आवेदन मांगा है। टीम इंडिया के नए कोच का कार्यकाल 3.5 साल का है। आवेदन की की आखिरी तारीख 27 मई है।

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एमएस धोनी (साभार-IPL)

KEY HIGHLIGHTS
  • टी20 वर्ल्ड कप के बाद खत्म होगा द्रविड़ का कार्यकाल
  • एमएस धोनी चाहकर भी नहीं बन सकते टीम इंडिया के कोच
  • जानें क्यों धोनी चाहकर भी नहीं बन सकते कोच

टीम इंडिया के मुख्य कोच के रूप में राहुल द्रविड़ का कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद खत्म होने वाला है। ऐसे में बीसीसीआई ने नए कोच के लिए आवेदन मांगा है जिसकी आखिरी तारीख 27 मई रखी गई। नए कोच का कार्यकाल जुलाई 2024 से दिसंबर 2027 तक रखा गया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि टीम इंडिया में राहुल द्रविड़ की जगह कौन लेगा? क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि द्रविड़ दोबारा इस पद के लिए शायद ही आवेदन करें। ऐसे में फैंस के बीच इस चीज को लेकर रोमांच है कि क्या एमएस धोनी टीम इंडिया के हेड कोच बन सकते हैं?

इस सवाल का जवाब है नहीं, अगर एमएस धोनी चाहें फिर भी वह टीम इंडिया के कोच नहीं बन सकते। एमएस धोनी टीम इंडिया की कोचिंग के लिए अयोग्य हैं। भविष्य के आईसीसी हॉल ऑफ फेमर अभी भी एक्टिव क्रिकेटर हैं और आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए खेलते हैं। एक एक्टिव खिलाड़ी मुख्य कोच के रूप में अपनी सेवाएं नहीं दे सकता है। अगर उन्हें इस पद के लिए आवेदन करना है तो पहले सीएसके के लिए खेलना छोड़ना होगा।

टी20 वर्ल्ड कप 2021 में रह चुके हैं मेंटॉर

एमएस धोनी एक्टिव क्रिकेटर रहते हुए टी20 वर्ल्ड कप 2021 में टीम इंडिया की मेंटॉरशिप कर चुके हैं, लेकिन यह उनका पार्ट टाइम रोल था। मुख्य कोच का रोल एक फुल टाइम रोल है और अगर धोनी ऐसा करना चाहते हैं तो उन्हें टीम इंडिया को लगभग 10 महीने का समय देना होगा। इसकी संभावना कम लगती है। धोनी आईपीएल के अलावा सुर्खियों से दूर रहते हैं और ज्यादातर अपना वक्त परिवार के साथ बिताते हैं।

द्रविड़ की जगह ले सकते हैं यह खिलाड़ी

राहुल द्रविड़ की जगह वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग और अनिल कुंबले जैसे पूर्व खिलाड़ी टीम इंडिया की कोचिंग की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। यहां तक कि सचिन तेंदुलकर चाहें तो वह टीम इंडिया के हेड कोच भी बन सकते हैं। हालांकि, विदेशी कोच का विकल्प भी खुला हुआ है। जस्टिन लैंगर से जब इस पोस्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैंने अब तक इस बारे में सोचा नहीं है।

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