नागपुर: इंग्लैंड के धाकड़ बल्लेबाज जो रूट की वनडे क्रिकेट में 15 महीने लंबे अंतराल के बाद वापसी बेहद फीकी रही। गुरुवार को भारत के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में जो रूट महज 19 रन बनाकर रवींद्र जडेजा की गेंद पर एलबीडब्लू होकर पवेलियन लौट गए। फील्ड अंपायर के फैसले को रूट ने चुनौती दी थी लेकिन अंपायर्स कॉल की वजह से उन्हें पवेलियन वापस लौटना पड़ा।
जो रूट ने साल 2012 में नागपुर में टेस्ट डेब्यू किया था। उस मैच में उन्होंने 73 रन की पारी खेली थी और पीयूष चावला का शिकार बने थे। उसके बाद इस मैदान पर साल 2017 में रूट ने एक टी20 मुकाबला इस मैदान पर खेला था जिसमें उन्होंने 38 रन बनाए थे और बुमराह की गेंद पर एलबीडब्डू होकर पवेलियन लौट गए थे। 8 साल लंबे अंतराल के बाद नागपुर में रूट अपने बल्ले के जादू नहीं दिखा सके।
चैंपियंस ट्रॉफी के लिए इंग्लैंड की टीम में मिली है जगह
जो रूट को पाकिस्तान में आयोजित हो रही आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए इंग्लैंड की टीम में शामिल किया गया है। साल 2023 में भारत में आयोजित वनडे वर्ल्ड कप के बाद से रूट इस फॉर्मेट में कोई मैच नहीं खेले हैं। ऐसे में भारत के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज उनके पास तैयारी करने का एकलौता और आखिरी मौका है। नागपुर में नाकाम होने के बाद रूट के पास दो मुकाबले फॉर्म में वापसी के लिए बचे हैं।
ऐसा रहा है जो रूट का वनडे करियर
जो रूट का वनडे करियर भी शानदार रहा है। रूट ने 172 मैच में 47.39 के औसत से 6541 रन बनाए हैं। जिसमें 16 शतक शामिल हैं। नाबाद 133 उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।
