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'जिन लोगों ने इटावा के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, आज उनके सामने...', अखिलेश के गढ़ में सीएम योगी का बड़ा बयान

इटावा में 604 करोड़ रुपये की 128 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने 2017 के बाद कानून-व्यवस्था, विकास और निवेश के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।

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इटावा में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान सीएम योगी

Photo : Twitter

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इटावा में समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने इटावा के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, आज उनके सामने खुद की पहचान का संकट खड़ा हो गया है। सीएम योगी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के गृह जिले इटावा में 604 करोड़ रुपये की लागत वाली 128 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इटावा में पहचान का संकट नहीं

मुख्यमंत्री ने साल 2017 के बाद राज्य में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा, "अब उत्तर प्रदेश में पहचान का संकट नहीं है, इटावा में पहचान का संकट नहीं है। अब उपद्रव, अराजकता और गुंडागर्दी नहीं है।" उन्होंने कहा, "अब उत्तर प्रदेश में एक जिला-एक माफिया नहीं, बल्कि एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज, एक जिला-एक उत्पाद और एक जिला-एक व्यंजन की पहचान है।" अब इटावा के नाम से कोई दहशत नहीं होती। इटावा के नौजवान के सामने पहचान का संकट नहीं है। प्रदेश और देश में कहीं भी जाने पर उसे वही सम्मान मिलता है, जो उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने यह अवसर उपलब्ध कराया है।"

इटावा के सामने पहचान का संकट किसने खड़ा किया था?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे सपा पर तंज कसते हुए कहा, "2017 से पहले इटावा के सामने पहचान का संकट किसने खड़ा किया था? यह संकट किसी और ने नहीं, बल्कि इटावा से जीतने वाले लोगों ने ही पैदा किया था। अगर इटावा के नौजवानों, किसानों, कारीगरों और बहन-बेटियों के सामने पहचान का संकट खड़ा होता है तो वह पूरे उत्तर प्रदेश का संकट बन जाता है। पहले यही स्थिति थी। लोग इस मार्ग से गुजरने तक से डरते थे। इटावा के नाम पर देश में होटल में कमरा नहीं मिलता था और निवेश पूरी तरह नदारद था। लोग कहते थे कि जब हम स्वयं सुरक्षित नहीं हैं तो हमारी पूंजी कैसे सुरक्षित रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद अपराध और अपराधियों के प्रति किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति अपनाई गई।"

माफिया को मिट्टी में मिलाने का संकल्प

सीएम योगी ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि, "सरकार ने संगठित अपराधियों की कमर तोड़ने और माफिया को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा ने जो कहा था, वह करके दिखाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक-एक माफिया खड़ा किया, प्रदेश को संगठित अपराध का गढ़ बना दिया और युवाओं के सामने पहचान का संकट पैदा कर दिया। सपा ने किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया, कारीगरों को बेरोजगार बनाया और उत्तर प्रदेश की पहचान अराजकता, कर्फ्यू, दंगों और उपद्रव से जोड़ दी थी। आज उत्तर प्रदेश का नौजवान, किसान, कारीगर और आम नागरिक उस पहचान के संकट से उबर चुका है।"

सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान बनाने का फैसला

सीएम योगी ने सैफई मेडिकल संस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि, "मुलायम सिंह यादव (सपा संस्थापक) ने सैफई ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान बनाने का निर्णय लिया था लेकिन पांच साल तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद अखिलेश यादव उस परियोजना को आगे नहीं बढ़ा सके। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 490 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक पूरा कराया, जबकि 232 करोड़ रुपये की लागत से 300 बेड का गायनी ब्लॉक भी बनवाया, जिससे संस्थान तेजी से विकसित हो रहा है। एक समय समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेताओं ने जमीन पर काम करने का प्रयास किया लेकिन बाद में परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति ने पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया।"

कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, "नौकरी से लेकर विकास योजनाओं तक पर एक सिंडिकेट का कब्जा हो गया था, जिससे युवाओं, किसानों और श्रमिकों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया तथा इसी कारण उत्तर प्रदेश को लंबे समय तक बीमारू राज्य कहा जाता रहा। आज उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।" मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले समाजवादी सरकार को लोगों की आस्था की चिंता नहीं थी और उस समय कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जाता था।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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