दुबई: इंडोनेशिया क्रिकेट संघ के अभिराम सिंह यादव को गुरुवार को आईसीसी मुख्य कार्यकारियों की समिति (सीईसी) में चुना गया। यादव एसोसिएट सदस्यों के लिये आरक्षित सीईसी की तीन सीटों में से एक लेंगे। फ्रांस के गुरूमूर्ति पलानी को जुलाई में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के बोर्ड में जगह मिली थी। आईसीसी ने एक बयान में कहा,'अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इंडोनेशिया क्रिकेट संघ के अभिराम सिंह यादव को आईसीसी मुख्य कार्यकारियों की समिति में एसोसिएट सदस्य के रूप में चुना।' यादव जून 2027 में होने वाले अगले चुनाव तक सीईसी में रहेंगे। उन्होंने जर्सी की सारा गोमेरसाल और जर्मनी के विग्नेश शंकरन को हराकर यह पद हासिल किया।
बड़े अंतर से निर्वाचित हुए अभिराम
इंडोनेशिया के बाली में एक बड़े क्रिकेट सेंटर के निर्माण का काम संभाल रहे अभिराम सिंह यादव को कुल 43 में से 30 वोट मिले। जर्सी की सारा गोमेरसाल को नौ और जर्मनी के विग्नेश शंकरन को तीन वोट मिले। अभिराम सिंह ने निर्वाचन के बाद आईसीसी चेयरमैन जय शाह के साथ मिलकर काम करने का वादा किया है। उन्होंने कहा, जय शाह ने विश्व क्रिकेट में जो लीडरशिप, जोश और महत्वाकांक्षा दिखाई है, उसके लिए मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। उन्होंने हमेशा खेल को उसकी पारंपरिक सीमाओं जैसे नए बाजार, नई पीढ़ी, महिला क्रिकेट, इनोवेशन और खेल के विस्तार के लिए मौजूद अपार संभावनाओं के बारे में आगेबढ़कर सोचने के लिए प्रोत्साहित किया है।
कौन हैं अभिराम सिंह यादव
अभिराम सिंह यादव की पारिवारिक जड़ें उत्तर प्रदेश में हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ था। चार साल की उम्र में वह पिता प्रोफेसर जय सिंह यादव के साथ इंडोनेशिया चले गए थे। साल 2001 में वो इंडोनेशिया के नागरिक बने। साल2014 से वो इंडोनेशिया क्रिकेट से जुड़े हैं। साल 2023 में वो इंडोनेशिया क्रिकेट के अध्यक्ष बने। इंडोनेशिया में क्रिकेट पारंपरिक रूप से लोकप्रिय खेल नहीं था उनके सामने चुनौती क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ाने की थी। ऐसे में उन्होंने स्कूलों और जमीनी स्तर पर क्रिकेट को फैलाने पर विशेष ध्यान दिया।
ऐसे बढ़ाई इंडोनेशिया में क्रिकेट की लोकप्रियता
स्कूलों में बच्चों को क्रिकेट के बारे में समझाने के लिए इंडोनेशिया के पारंपरिक खेल 'कस्ती' का इस्तेमाल ब्रिज के रूप में किया गया। यह खेल भी बैट और बॉल के साथ खेला जाता है। इसके बाद क्रिकेट का कोचिंग मैनुअल भाषा इंडोनेशिया में तैयार किया। इसके बाद उनके नेतृत्व में इंडोनेशियाई क्रिकेट ने कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें पहली बार विमेंस आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करना और 2023 साउथ-ईस्ट एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना शामिल है। क्रिकेट एडमिस्ट्रेटर होने के अलावा वो एक अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जानकार अकादमिक हैं। इसके अलावा यादवाज ग्रुप के सीईओ भी हैं।
(भाषा इनपुट के साथ)
