Delhi Captials New Coach, Sourav Ganguly vs Ricky Ponting: दिल्ली कैपिटल्स ने नए कोच की तलाश और तेज कर दी है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट रिकी पोंटिंग टीम के कोच थे, लेकिन पिछले दिनों उनको कोच पद से हटा दिया। इसके बाद टीम के क्रिकेट निदेशक सौरव गांगुली ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह आईपीएल 2025 के लिए मुख्य कोच के रूप में पद संभालेंगे। लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी फ्रेंचाइजी मुख्य कोच और मेंटर के लिए दो पूर्व भारतीय क्रिकेटरों के साथ बातचीत कर रही है। न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली फ्रैंचाइजी 2025 आईपीएल सीजन के लिए मुख्य कोच और मेंटर की भूमिका निभाने के लिए पूर्व भारतीय खिलाड़ियों के साथ बातचीत कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डीसी नहीं चाहता कि गांगुली यह भूमिका निभाएं, क्योंकि डीओसी के रूप में उन्हें फ्रैंचाइजी के लिए कई चीजों की योजना बनानी होगी।
रेवस्पोर्ट्ज की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे को आईपीएल 2025 से फ्रैंचाइजी का नया गेंदबाजी कोच बनाने के लिए लक्ष्य बना रही है। कैपिटल्स मौजूदा गेंदबाजी कोच जेम्स होप्स के अनुबंध करने के लिए तैयार नहीं है, जो आईपीएल 2024 के बाद समाप्त हो गया है। पारस म्हाम्ब्रे राहुल द्रविड़ के नेतृत्व वाले कोचिंग स्टाफ का हिस्सा थे, जिसने भारत को टी20 विश्व कप 2024 जीतने में मदद की थी। म्हाम्ब्रे इससे पहले आईपीएल में मुंबई इंडियंस के सहायक कोच के रूप में काम कर चुके हैं।
2018 में पोंटिंग ने संभाला था कमान
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर रिकी पोंटिंग ने 2018 में फ्रैंचाइजी की कमान संभाला था। उन्होंने करीब सात साल की लंबी अवधि के लिए डीसी के मुख्य कोच के रूप में काम किया। पोंटिंग के नेतृत्व में ही दिल्ली कैपिटल्स की टीम 2020 में इतिहास में पहली बार आईपीएल के फाइनल में पहुंची थी। हालांकि, इस मुकाबले में टीम को हार झेलनी पड़ी थी। इस दौरान टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर थे, जो वर्तमान में कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान हैं।
बड़े बदलाव की तैयारी में दिल्ली कैपिटल्स
दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी आईपीएल 2025 से पहले बड़े बदलाव की तैयारी में है। उनके पास बिल्कुल नया कोचिंग स्टाफ होगा। मेगा नीलामी के साथ दिल्ली कैपिटल्स के पास टीम को फिर से बदलने का विकल्प होगा। यह देखना बाकी है कि वे कितने खिलाड़ियों को रिटेन करते हैं। ऋषभ पंत की अगुवाई वाली टीम सात जीत के साथ तालिका में छठे स्थान पर रही और नेट रन रेट के कारण प्लेऑफ में जगह बनाने से चूक गई थी।
