IND vs ENG: लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे से पहले क्रिकेट जगत ने महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मैच शुरू होने से ठीक पहले दोनों टीमों के खिलाड़ी और मैच अधिकारी मैदान पर एक मिनट का मौन रखकर इस दिग्गज को याद करते नजर आए। इस दौरान भारत और इंग्लैंड के सभी खिलाड़ी अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरे।
युवराज सिंह ने बजाई पारंपरिक घंटी
कार्यक्रम की शुरुआत भारत के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने लॉर्ड्स की पारंपरिक घंटी बजाकर की। जैसे ही युवराज ने घंटी बजाई, पूरा स्टेडियम सर सोबर्स के सम्मान में खड़ा हो गया। यह पल लॉर्ड्स के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया, क्योंकि सोबर्स को दुनिया का सबसे महान ऑलराउंडर माना जाता है।
खिलाड़ी और अधिकारियों ने रखा मौन
BCCI और ECB ने मिलकर यह फैसला लिया कि लॉर्ड्स वनडे से पहले सोबर्स को सम्मान दिया जाए। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस के बाद कहा, "सर गैरी सोबर्स हम सबके लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने क्रिकेट को जो दिया है, वो कभी भुलाया नहीं जा सकता। आज हम सब उनके सम्मान में काली पट्टी बांधकर खेल रहे हैं।" मैदान पर मौजूद दर्शकों ने भी तालियां बजाकर इस महान खिलाड़ी को याद किया। लॉर्ड्स की बालकनी में मौजूद MCC के सदस्यों ने भी खड़े होकर सर गैरी सोबर्स को श्रद्धांजलि दी।
क्रिकेट में अविस्मरणीय योगदान
सर गारफील्ड सोबर्स का क्रिकेट में योगदान अविस्मरणीय है। 1954 से 1974 तक वेस्टइंडीज के लिए खेलने वाले सोबर्स ने 93 टेस्ट मैचों में 57.78 की औसत से 8032 रन बनाए और 235 विकेट भी झटके। वह टेस्ट क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज भी थे। बल्ले, गेंद और फील्डिंग तीनों में उनका कोई सानी नहीं था। 1975 में क्रिकेट में उनकी सेवाओं के लिए उन्हें 'सर' की उपाधि दी गई थी।
