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EXPLAINER: कैसे सिर्फ दो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर भी नीरज चोपड़ा 'डायमंड लीग' फाइनल में पहुंच गए?

How Neeraj Chopra Qualified For Diamond League Final: एक तरफ जहां श्रीलंका के रुमेश ने ज्यूरिख डायमंड लीग में ऐतिहासिक थ्रो फेंकते हुए डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाई है। वहीं, दूसरी तरफ भारत के नीरज चोपड़ा सिर्फ दो इवेंट में हिस्सा लेकर फाइनल में पहुंच गए। ऐसा कैसे हुआ और कैसी होगी टक्कर यहां जानिए।

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नीरज चोपड़ा कैसे डायमंड लीग फाइनल में पहुंचे (Instagram/Neerajchopra)

KEY HIGHLIGHTS
  • नीरज चोपड़ा डायमंड लीग फाइनल में कैसे पहुंचे?
  • सिर्फ दो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर फाइनल में जगह
  • प्रतिष्ठित डायमंड लीग में फिर रुमेश और नीरज की होगी टक्कर

How Neeraj Chopra Qualified For Diamond League Final: जेवलिन थ्रो में भारत के शीर्ष एथलीट नीरज चोपड़ा ने प्रतिष्ठित एक दिवसीय प्रतियोगिता की सीरीज के केवल दो टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के बावजूद पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। चोपड़ा ने 19 जून को दोहा और 21 अगस्त को लुसाने में हुई डायमंड लीग में क्रमशः दूसरा स्थान हासिल करके 12 अंक जुटाए। इसके साथ वह अंक तालिका में छठे स्थान पर रहे और ब्रसेल्स में होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे जिसमें विजेता सीधा चैंपियन बनता है।

इस तरह फाइनल में पहुंचे नीरज

बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में सीरीज के 14वें और आखिरी चरण के समाप्त होने के बाद अंक तालिका अपडेट की गई। इस साल हुई 14 डायमंड लीग प्रतियोगिता में से पांच में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा शामिल थी, लेकिन नीरज चोपड़ा ने इनमें से केवल दो प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। अठाईस वर्षीय चोपड़ा चोट से उबरने के बाद वापसी की राह पर हैं, उन्हें पिछले साल सितंबर से कमर के निचले हिस्से में लगी चोट परेशान कर रही थी। इस चोट के कारण उनकी वापसी में देरी हुई और उन्होंने दोहा डायमंड लीग में वापसी की।

हाल में हुए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह शत प्रतिशत फिट नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 85.83 मीटर के सत्र के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता। इसके बाद उन्होंने लुसाने डायमंड लीग में अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया। ’कूद और थ्रो’ स्पर्धाओं में अंक तालिका के शीर्ष छह खिलाड़ी चार-पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक स्पर्धा में एक अतिरिक्त एथलीट को राष्ट्रीय या वैश्विक वाइल्डकार्ड चयन के माध्यम से भाग लेने का मौका मिल सकता है।

5 सितंबर को होगी टक्कर

डायमंड लीग फाइनल ब्रसेल्स में दो दिन तक आयोजित होगा जिसमें चार सितंबर को 16 स्पर्धाएं होंगी जबकि बाकी 16 स्पर्धाएं अगले दिन आयोजित की जाएंगी। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा पांच सितंबर को होगी। विजेता को ट्रॉफी के साथ कम से कम 30,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। वहीं आठवें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 1,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे।

अगर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा को डायमंड ’प्लस’ स्पर्धाओं में चुना जाता है तो विजेता को 60,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। श्रीलंका के उभरते हुए स्टार रुमेश पथिरागे 39 अंक के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर हैं। ऐसे में उन्हें ब्रसेल्स में डायमंड लीग की ट्रॉफी जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने डायमंड लीग की पांचों भाला फेंक स्पर्धाओं में हिस्सा लिया जिनमें से चार में वह विजेता रहे जबकि एक में दूसरे स्थान पर रहे। यह प्रदर्शन सत्र में उनके शानदार दबदबे को दर्शाता है।

पथिरागे ने रचा इतिहास, अब नीरज से फिर टक्कर

पथिरागे ने बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में 92.07 मीटर का शानदार थ्रो करके 10 खिलाड़ियों के मुकाबले में पहला स्थान हासिल किया। यह इस सत्र में उनका दूसरा 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो था। इससे पहले उन्होंने रोम में 92.62 मीटर का थ्रो किया था। इस सत्र में अब तक 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो करने वाले दूसरे खिलाड़ी जर्मनी के जूलियन वेबर हैं। उन्होंने इसी महीने की शुरुआत में बर्मिंघम में यूरोपीय चैंपियनशिप में 90.40 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता था। लेकिन चोट के कारण वह किसी भी डायमंड लीग मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सके और अब फाइनल में भी नहीं खेलेंगे।

दो बार के विश्व चैंपियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 35 अंक के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर हैं। बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में उन्होंने 86.93 मीटर का थ्रो किया और पथिरागे के बाद दूसरे स्थान पर रहे। पथिरागे और पीटर्स दोनों ही ज्यूरिख प्रतियोगिता से पहले डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके थे। मौजूदा विश्व चैंपियन त्रिनिदाद एवं टोबैगो के केशोर्ण वॉलकॉट भी डायमंड लीग फाइनल में खेलेंगे। वह 23 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

उनके बाद अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 20 अंक के साथ चौथे और कीनिया के जूलियस येगो 13 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहे। नीरज चोपड़ा पहली बार होने वाली विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई करने की राह पर हैं। यह प्रतियोगिता 11 से 13 सितंबर तक बुडापेस्ट में आयोजित होगी। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में आठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। नीरज चोपड़ा इस समय सातवें स्थान पर हैं। एक अन्य भारतीय खिलाड़ी सचिन यादव आठवें स्थान पर हैं। हालांकि, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की अंतिम सूची छह सितंबर को जारी की जाएगी।

अल्टीमेट चैंपियनशिप की रैंकिंग में पथिरागे, पीटर्स, थॉम्पसन और वेबर भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से आगे हैं। पाकिस्तान के अरशद नदीम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के वॉलकॉट भी क्वालीफाई कर चुके हैं। नदीम मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जबकि वॉलकॉट मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल के विजेता को भी अल्टीमेट चैंपियनशिप में सीधे हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।

बाकी पांच खिलाड़ियों का चयन विश्व रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए क्वालीफिकेशन की अवधि दो सितंबर 2025 से एक सितंबर 2026 तक रखी गई है। पहली बार होने वाली अल्टीमेट चैंपियनशिप में ओलंपिक चैंपियन, विश्व चैंपियन और डायमंड लीग विजेता एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगे। यह विश्व एथलेटिक्स की एक बड़ी और महत्वाकांक्षी पहल है।

यह प्रतियोगिता हर दो साल में आयोजित होगी। इसे उन वर्षों में सत्र के अंत की बड़ी चैंपियनशिप के रूप में आयोजित किया जाएगा, जब आउटडोर वर्ल्ड चैंपियनशिप नहीं होगी।

इस साल प्रतियोगिता में कुल एक करोड़ अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि होगी। स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1.5 लाख अमेरिकी डॉलर मिलेंगे।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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