क्रिकेट

फिटनेस से जूझ रहे टीम इंडिया के दो खिलाड़ियों के भविष्य पर उठे सवाल

फिटनेस से जूझ रहे भारतीय टीम के दो खिलाड़ियों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। दोनों खिलाड़ियों को फिटनेस की वजह से इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के आगाज से पहले स्वदेश वापस लौटना पड़ा।

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हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती

नई दिल्ली: घुटने की सर्जरी से वापसी के बाद अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में ही मांसपेशियों में खिंचाव (हैमस्ट्रिंग) का शिकार हुए तेज गेंदबाज हर्षित राणा की फिटनेस कार्यक्रम पर सवाल उठने लगे हैं और शीर्ष सूत्रों के अनुसार ’रिहैबिलिटेशन’ के दौरान उनका वजन बढ़ गया था जिसकी वजह से शायद उन्हें यह चोट लगी। सूत्रों के मुताबिक इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के टी20 चरण के लिए टीम से जुड़ने के समय 24 वर्षीय हर्षित का वजन बढ़ा हुआ था। उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ तीन टी20 मैच खेले, लेकिन मांसपेशियों में खिंचाव के कारण सिर्फ पांच मैच के बाद ही उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा।

तीसरे टी20 के दौरान चोटिल हुए हर्षित राणा

बीसीसीआई ने तब विज्ञप्ति में कहा था,'ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान हर्षित राणा को दाहिने पैर में अचानक दर्द महसूस हुआ। बाद में कराई गई स्कैन जांच में 'ग्रेड-1 हैमस्ट्रिंग' चोट की पुष्टि हुई।' इस चोट के कारण वह तीन मैच की वनडे श्रृंखला में भी नहीं खेल पाए जबकि इसमें उनके अहम भूमिका निभाने की उम्मीद थी।

सीओए में रिहैब के दौरान क्यों बढ़ा हर्षित का वजन?

हालांकि गौतम गंभीर के टीम प्रबंधन और राष्ट्रीय चयन समिति के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि घुटने की सर्जरी, ’रिहैब’ और बेंगलुरु में ’सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में ’रिटर्न टू प्ले’ प्रोटोकॉल पूरी करने के बावजूद हर्षित का वजन क्यों बढ़ गया। बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा,'2027 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए हर्षित इस टीम के बेहद महत्वपूर्ण सदस्य हैं। उन्हें लगभग 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले और आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले संभावित खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन उन्हें अपनी फिटनेस दिनचर्या को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा।'

राणा ने नहीं दिया अपने वजन पर ध्यान

सूत्र ने कहा,'हाल में जब वह टीम से जुड़े तो उनका वजन सामान्य से अधिक पाया गया। तेज गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी के लिए अतिरिक्त वजन शरीर पर दबाव बढ़ाता है और इससे ’हैमस्ट्रिंग’ फटने का खतरा काफी बढ़ जाता है।'हर्षित की चोट इस बात का संकेत है कि घुटने की सर्जरी के बाद 'रिहैब' कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने और फिटनेस प्रमाण पत्र हासिल करने के बावजूद उन्होंने वजन नियंत्रण पर पूरी तरह ध्यान नहीं दिया। लंबे समय तक चोटिल रहने वाले खिलाड़ियों के लिए यह अक्सर एक चुनौतीपूर्ण पहलू होता है। सूत्रों के अनुसार ब्रिटेन दौरे पर रवाना होने से पहले भारतीय टीम के एक अन्य टी20 विशेषज्ञ शीर्ष क्रम के बल्लेबाज का भी वजन सामान्य से थोड़ा अधिक पाया गया था, हालांकि यह बहुत मामूली था।

फिर आया वरुण की मांसपेशियों में खिंचाव

2026 टी20 विश्व कप से पहले शानदार प्रदर्शन के कारण वरुण चक्रवर्ती भारत के ’ट्रंप कार्ड’ में से एक माने जा रहे थे। लेकिन अब दुनिया की प्रमुख टीमों के बल्लेबाज उनकी कलाई से निकलने वाली गेंदों की विविधताओं को काफी हद तक समझ चुके हैं। आईपीएल के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए पैर की उंगली में फ्रैक्चर के बावजूद खेलने से उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिला। ’रिहैब’ पूरा नहीं होने के कारण वह आयरलैंड दौरे के टी20 चरण से बाहर रहे। लेकिन ब्रिटेन दौर में सिर्फ तीन मैच खेलने के दौरान ही उनकी मांसपेशियों में फिर चोट लग गई।

बीसीसीआई ने अपनी विज्ञप्ति में कहा था,'एमआरआई स्कैन में ग्रेड-2 हैमस्ट्रिंग चोट की पुष्टि हुई। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के आधार पर उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से बाहर कर दिया गया है।' इससे यह चिंता भी पैदा हुई कि अगले महीने 35 वर्ष के होने वाले चक्रवर्ती पूरी तरह फिट हुए बिना ही प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौट आए थे।

दीर्घकालिक योजनाओं से बाहर होंगे वरुण चक्रवर्ती?

एशियाई खेलों के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर टीम घोषित करनी थी इसलिए चक्रवर्ती को उसमें जगह मिल गई। हालांकि इसके आगे जब 2028 ओलंपिक और ऑस्ट्रेलिया में होने वाले अगले टी20 विश्व कप की तैयारियां शुरू होंगी, तब तक चक्रवर्ती 37 वर्ष के हो चुके होंगे। ऐसे में संभावना यही है कि इस वर्ष के एशियाई खेलों के बाद उन्हें भारतीय टीम की दीर्घकालिक योजनाओं में शायद शामिल नहीं किया जाए।

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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