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लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार ने नवाजे जाने के बाद रवि शास्त्री ने बताया कौन सा है उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ पल

  • Authored by: नवीन चौहान
  • Updated Jan 24, 2024, 01:06 AM IST

बीसीसीआई द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजे जाने के बाद टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और कोच रवि शास्त्री ने अपने क्रिकेट करियर का सर्वश्रेष्ठ पल गाबा टेस्ट में टीम इंडिया की जीत को बताया है। जानिए अवार्ड हासिल करने के बाद क्या बोले रवि शास्त्री?

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लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड ग्रहण करते रवि शास्त्री (साभार BCCI/jio Cinema Sreen Grab)

हैदराबाद: पूर्व भारतीय ऑलराउंडर और टीम इंडिया के मुख्य कोच रहे रवि शास्त्री को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने ‘लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ से सम्मानित किया। हैदराबाद में आयोजित समारोह में शास्त्री के अलावा पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर को भी साल 2019-20 के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

61 वर्षीय रवि शास्त्री पिछले चार दशक से भारतीय क्रिकेट में विभिन्न रूप में सक्रिय हैं। क्रिकेटर और कोच के अलावा उनकी पहचान एक मशहूर कमेंट्रेटर के रूप में भी बनी जिन्होंने कई ऐतिहासिक पलों को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। शास्त्री ने भारत के लिए करियर में 80 टेस्ट और 150 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेले। शास्त्री साल 1983 में विश्व कप जीतने वाले टीम के सदस्य रहे।

ऐसा रहा है चार दशक का क्रिकेट के मैदान में करियर

इकसठ साल के शास्त्री ने 80 टेस्ट और 150 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में भारत का प्रतिनिधित्व किया। संन्यास लेने के बाद उन्होंने कमेंटेटर के रूप में पहचान बनाई। भारतीय क्रिकेट टीम के शास्त्री दो बार कोच रहे। साल 2014 से 2016 तक वो टीम के साथ निदेशक के रूप में जुड़े। इसके बाद विराट कोहली की कप्तानी में उन्होंने 2017 से 2021 के बीच टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभाई। साल 2021 में यूएई में भारत की मेजबानी में खेले गए टी20 विश्व कप के साथ उनका कार्यकाल खत्म हो गया।

दो बार रहे टीम इंडिया के कोच, नहीं जिता पाए आईसीसी ट्रॉफी

शास्त्री के कार्यकाल में भारतीय टीम कोई आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जी सकी। ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो बार टेस्ट सीरीज जीतना उनकी बतौर कोच सबसे बड़ी उपलब्धि रही। पहले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में शास्त्री के कोच रहते भारतीय टीम पहुंची लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ हार ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन बनने का सपना टूट गया। 2019 के वनडे विश्व कप में भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी वहां भी कीवी टीम ही राह का रोड़ा बनी थी।

यह मेरे लिए है भावनात्मक पल

लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड ग्रहण करने के बाद शास्त्री ने कहा, यह उनके लिए भावनात्मक पल है। उन्होंने कहा, 'यह निश्चित रूप से (एक भावनात्मक क्षण) है। यहां आने के लिए आप सबका धन्यवाद। मुझे यह सम्मान देने के लिए मैं बीसीसीआई को धन्यवाद देता हूं। खेल में चार दशक हो गए हैं और आप अब भी भारतीय क्रिकेट से जुड़े हुए हैं। यह मेरे लिए एक बहुत ही मर्मस्पर्शी क्षण है क्योंकि जब मैंने 17 साल की उम्र में अपना क्रिकेट शुरू किया और एक खिलाड़ी के रूप में इसे 31 साल की उम्र में समाप्त किया, वास्तव में 30 साल की उम्र में, इस दौरान बीसीसीआई मेरा अभिभावक बना रहा।'उस दौर में खेल में पैसा नहीं था लेकिन खेलने का गर्व था। मैंने बीसीसीआई को विश्व क्रिकेट का पॉवरहाउस बनता देखा है।

1985 में चैंपियन ऑफ चैंपियंस बनना यादगार

अपने करियर के एक सर्वश्रेष्ठ पल के बारे में पूछे जाने पर शास्त्री ने कहा, एक पल चुन पाना थोड़ा मुश्किल है। 1985 में चैंपियंस ऑफ चैंपियन बनना यादगार पल है। पाकिस्तान के खिलाफ मेलबर्न में हमने वो जीत हासिल की थी। 1983 में वर्ल्ड कप जीते और लॉर्ड्स की बॉलकनी में विश्व कप की ट्रॉफी हासिल करना। वेस्टइंडीज में शतक, ऑस्ट्रेलिया में दोहरा शतक जैसे मेरे बेहतरीन पल बतौर खिलाड़ी हैं।

गाबा टेस्ट जीत है सबसे यादगार पल

शास्त्री ने आगे कहा, कमेंट्री के दौरान वानखेड़े में एमए धोनी का वो मैच विजयी छक्का जड़ना, 2007 में उनका टी20 विश्व कप जीतना, बतौर कोच ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतना। लेकिन इन सबके बीच अगर आप पूछें आईसिंग इन द केक, वो पल है गाबा में वो आखिरी दिन जब हम जीत की रेखा पार करने में सफल रहे। ऋषभ पंत का हमें गाबा में जीत दिलाने वाला पल मेरे लिए सर्वश्रेष्ठ है। इसके लिए मैं अपने सभी खिलाड़ियों को शुक्रिया कहना चाहता हूं। वो मेडल मेरे लिए सबसे बेशकीमती है।

(भाषा इनपुट के साथ)

नवीन चौहान
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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