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5 विकेट लेकर पाकिस्तान को धराशायी करने वाली दीप्ति शर्मा, अपने क्रिकेट करियर पर क्या बोलीं

IND W vs PAK W: दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ 10 रन देकर 5 विकेट झटके। महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी भारतीय गेंदबाज का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ओवरऑल टूर्नामेंट में यह तीसरा बेस्ट बॉलिंग फिगर है।

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दीप्ति शर्मा (BCCI)

IND W vs PAK W: पाकिस्तान के खिलाफ महिला टी20 वर्ल्ड कप में 10 रन देकर 5 विकेट झटकने वाली अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने कहा कि उन्हें बड़े मंच और दबाव वाले मैचों में खेलना सबसे ज्यादा पसंद है। दीप्ति के इस करिश्माई स्पेल की बदौलत भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रन से हराकर टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की।

टी20 वर्ल्ड कप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

दीप्ति का 5/10 का आंकड़ा महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी भारतीय गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ओवरऑल टूर्नामेंट में यह तीसरा बेस्ट बॉलिंग फिगर है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ दीप्ति का प्रदर्शन औसत रहा था, लेकिन पाकिस्तान के सामने उन्होंने क्लास दिखा दी। मैच के बाद दीप्ति ने कहा, "मुझे आईसीसी टूर्नामेंट और दबाव वाली परिस्थितियों में खेलना अच्छा लगता है। लगता है मैंने वहीं से शुरुआत की है जहां पिछला वर्ल्ड कप खत्म किया था। मैं सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर फोकस करती हूं और प्लान को अच्छे से लागू करने की कोशिश करती हूं।" दीप्ति ने पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप में भी भारत की खिताबी जीत में अहम रोल निभाया था।

पाकिस्तान के खिलाफ रणनीति रही सिंपल

पाकिस्तान के खिलाफ दीप्ति ने सलामी बल्लेबाज गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, नशरा संधू और तस्मिया रुबाब को पवेलियन भेजा। गेंदबाजी से पहले उन्होंने 9 गेंदों पर नाबाद 12 रन भी बनाए थे। अपनी कामयाबी का राज बताते हुए दीप्ति ने कहा, "मेरी रणनीति सिंपल थी। मुझे खुद पर भरोसा था कि मौका मिलने पर जिम्मेदारी लेनी है। विकेट थोड़ा टर्न कर रहा था। मैंने सही एरिया में बॉल डाली और नतीजा सबके सामने है।"

युवा से अनुभवी दीप्ति

28 साल की दीप्ति 2017 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल खेलने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं। तब से अब तक के सफर पर वो कहती हैं, "युवा दीप्ति और आज की अनुभवी दीप्ति में फर्क देखकर अच्छा लगता है। 2017 वर्ल्ड कप से मैंने बहुत कुछ सीखा। मैं हर मैच से सीखती हूं। अपनी गलतियों का आकलन करती हूं और देखती हूं कि कहां सुधार कर सकती हूं।"दीप्ति ने बताया कि वो नियमित रूप से कोच साल्वी सर से बात करती हैं, जिससे उन्हें काफी मदद मिलती है। "हर मैच कुछ ना कुछ सिखाता है, चाहे आप जीतो या हारो। बस रुकना नहीं है। रोज अपने खेल में 1% सुधार करना है।"

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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