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PM Modi 76th Birthday : 'जब मगरमच्छ पकड़ लाए नरेंद्र मोदी'... दोस्त श्यामलदास ने सुनाए पीएम के बचपन के अनसुने किस्से

PM Modi 76th Birthday: वडनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन के दोस्त श्यामलदास मोदी ने उनके साथ बिताए दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने स्कूल, खेल, तालाब में तैरने और मगरमच्छ का बच्चा पकड़ने जैसे किस्से सुनाए। श्यामलदास ने कहा कि नरेंद्र मोदी बचपन से अपने फैसलों पर अडिग रहते थे और उन्हें अपने दोस्त पर गर्व है।

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वडनगर से PM मोदी के बचपन के दोस्त श्यामलदास मोदी की जुबानी बचपन की यादें

PM Modi 76th Birthday: वडनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन के सबसे करीबी दोस्तों में शामिल रहे श्यामलदास मोदी से खास बातचीत हुई। स्कूल के दिनों से लेकर तालाब में तैरने, पतंग उड़ाने और लट्टू खेलने तक, श्यामलदास मोदी ने पीएम मोदी के साथ बिताए बचपन के कई किस्से साझा किए। श्यामलदास मोदी बताते हैं कि उनका और नरेंद्र मोदी का पारिवारिक रिश्ता भी था। बचपन में साथ पढ़ने और साथ रहने के दौरान दोनों की दोस्ती बेहद गहरी थी। उनके मुताबिक, नरेंद्र मोदी बचपन से ही अपनी बात और अपने फैसले पर अडिग रहते थे।

श्यामलदास मोदी कहते हैं कि नरेंद्र मोदी के स्वभाव में बचपन से ही एक बात साफ थी, जो काम करने का मन बना लेते थे, उसे पूरा करके ही मानते थे। परिवार की ओर से रोकने के बावजूद जब उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया, तब भी वे अपने निर्णय पर कायम रहे। बचपन के खेलों को याद करते हुए श्यामलदास मोदी बताते हैं कि दोनों को कबड्डी, लंगड़ी, लखोड़ी, लट्टू और पतंग का काफी शौक था। गर्मियों में सुबह करीब 6:30 बजे तालाब पर नहाने जाना और काफी देर तक वहीं रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था।

नरेंद्र मोदी तालाब से मगरमच्छ का बच्चा पकड़कर ले आए-श्यामलदास

श्यामलदास मोदी ने उस घटना को भी याद किया जब नरेंद्र मोदी तालाब से मगरमच्छ का बच्चा पकड़कर ले आए थे। उनके मुताबिक, नरेंद्र मोदी मगरमच्छ के बच्चे को पकड़कर लाए और उन्हें उसे ले जाने के लिए कहा। बाद में जब यह बात सामने आई तो उन्हें डांट और मार भी पड़ी और आखिरकार मगरमच्छ के बच्चे को तालाब में छोड़ दिया गया। गांधीनगर में मुलाकात का एक किस्सा बताते हुए श्यामलदास मोदी कहते हैं कि आज भी दोनों एक-दूसरे से पुराने दोस्त की तरह ही बात करते हैं। हालांकि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में हैं, इसलिए पहले जैसी मुलाकात नहीं हो पाती।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर अपने दोस्त के लिए श्यामलदास मोदी की शुभकामना भी बेहद निजी है। उन्होंने दोस्ती को कृष्ण-सुदामा के रिश्ते से जोड़ते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी आगे बढ़कर कृष्ण बन गए, जबकि वह खुद सुदामा ही रह गए। श्यामलदास मोदी बताते हैं कि उन्होंने कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने बच्चों के लिए नौकरी या किसी मदद की मांग नहीं की। उनके मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने एक बार उनसे उनके बच्चों के बारे में पूछा था, लेकिन उन्होंने कभी उनसे अपने बच्चों के लिए कोई काम लगाने को नहीं कहा।

प्रधानमंत्री मोदी के देश और दुनिया में काम करने को लेकर अपनी भावनाएं बताते हुए श्यामलदास मोदी कहते हैं कि उन्हें अपने दोस्त पर गर्व है और वह भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उनकी उम्र के कुछ साल भी नरेंद्र मोदी को मिल जाएं, ताकि वह लंबे समय तक देश की सेवा करते रहें।

वडनगर में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए श्यामलदास मोदी ने तालाब, म्यूजियम और स्कूल समेत कई बदलावों की बात की। उनका कहना है कि जिस जगह पर उनका दोस्त नरेंद्र मोदी बचपन में बड़ा हुआ और पढ़ा, वहां आज काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए श्यामलदास मोदी का संदेश साफ है: वे लंबे समय तक जिएं, देश की सेवा करते रहें और आगे बढ़ते रहें।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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